गोंडा। विकास भवन में तीन दिन से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराने के कारण कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है। सोमवार से शुरू हुई समस्या का समाधान बृहस्पतिवार तक नहीं हो सका। विभागीय अधिकारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने समय रहते समस्या दूर नहीं कराई, जबकि बिजली विभाग ने विकास भवन की आंतरिक आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे कर्मचारी कार्यालय पहुंचे तो विकास भवन की बिजली आपूर्ति बाधित मिली। इस दौरान डीआरडीए, मनरेगा, कौशल विकास मिशन, जिला पंचायत राज, निर्वाचन, सहकारिता समेत कई विभागों के कार्यालयों में बिजली की लगातार आवाजाही बनी रही। इससे नियमित कामकाज प्रभावित रहा।
कर्मचारियों ने बताया कि कहीं लो तो कहीं हाई वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इससे एसी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने की आशंका रहती है। कई कार्यालयों में बिजली न होने के कारण सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े रहे। कर्मचारी अंधेरे कमरों के बजाय आगंतुक कक्ष या अन्य स्थानों पर बैठने के लिए मजबूर रहे।
कर्मचारियों का कहना है कि अचानक हाई वोल्टेज आने से कुछ एसी और अन्य उपकरण पहले ही खराब हो चुके हैं। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। तीन दिन से विभागीय अधिकारियों के माध्यम से बिजली विभाग को लगातार शिकायतें भेजी जा रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
डीडीओ बोले- बिजली विभाग को दी गई है सूचना
जिला विकास अधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी ने बताया कि बिजली विभाग को समस्या की जानकारी दे दी गई है। बिजली लाइनों में तकनीकी दिक्कत के कारण परेशानी हुई है, जिसे दूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। अंबेडकर चौराहा उपकेंद्र के एसडीओ संजय कुमार सिंह ने बताया कि विकास भवन की आंतरिक बिजली आपूर्ति व्यवस्था में खामी के कारण वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही थी। विकास भवन में आपूर्ति व्यवस्था की देखरेख के लिए कोई इलेक्ट्रीशियन तैनात नहीं है। विभाग की ओर से सुझाव दिए गए हैं। कर्मचारियों को भेजकर आपूर्ति सुचारु करा दी गई है।