मतदान को लेकर रविवार को काफी अफरातफरी के बीच देर शाम तक पोलिंग पार्टियां रवाना की गईं। तमाम कर्मचारियों को ड्यूटी लेने के लिए कई घण्टे तक शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इण्टर कॉलेज परिसर में भटकना पड़ा। जिले के सात विधान सभा सीटों के लिए कुल 2430 पोलिंग बूथों के लिए कुल 2430 पोलिंग पार्टियों की रवानगी हुई।
पोलिंग पार्टियों के रवानगी के लिए शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज परिसर में व्यवस्था की गई थी। मतदान की ड्यूटी लेने के लिए कर्मचारियों का रविवार को सुबह आठ बजे से ही आना शुरू हो गया था। 10 बजे तक पूरा परिसर मतदान की ड्यूटी लेने आये कर्मचारियों से पूरा परिसर भर गया।
महिलाएं भी अपनी पूरी तैयारी से आयी थीं। मतदान के महापर्व में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए कर्मचारी मुस्तैद दिखे। भारी भी व अव्यवस्था के बीच कर्मचारियों को दोपहर बाद तक ड्यूटी मिल पाई। इसके बाद कर्मचारियों ने अपने साथी कर्मचारियों के साथ ईवीएम व मतदान सामाग्रियों की मिलान की। इसके बाद कर्मचारी अपने अपने विधानसभा वार बूथ के लिए निर्धारित वाहनों पर सवार होकर रवाना हुए।
अपने काम का फर्ज निभाने में कई दिव्यांग कर्मचारियों ने विकलांगता को मात देकर आगे आगे दिखे। दूसरी ओर महिला कमयों में भी गजब का हौसला और जज्बा दिखा। कई महिलाएं तो अपने मासूम बच्चों को भी साथ लेकर आयी थीं।
एक हाथ में बच्चा तो दूसरे हाथ से मतदान सामाग्री संभालकर अपने फर्ज को अंजाम देने निकलती दिखी। मतदान कर्मी,सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट के अलावा पोलिंग ऑब्जर्बरों ने ड्यूटी लेकर पार्टियों के साथ रवानगी की। इस दौरान पोलिंग पाटयों की रवानगी का जायजा लेने जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष निरंजन भी पहुंचे। उन्होंने मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी कराने में लगे अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये।
एक कर्मचारी मतदान की ड्यूटी के लिए शराब पीकर ड्यूटी करने पहुंचा। लडख़ड़ाते कदमों से रविवार को शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में गेट से प्रवेश किया। पीकर टल्ली हुआ कर्मचारी अपना नाम कृष्ण कुमार हलधरमऊ ब्लाक क्षेत्र का निवासी बता रहा था। उसकी बस एक ही रट थी कि जब महिलाएं हैं काम करने को तो मेरी ड्यूटी क्यों लगा दी। उसका कहना था कि हम तो ड्यूटी नही करेंगे। शराब पीकर नशे में धुत्त रहा कर्मचारी कई जगह लडख़ड़ा कर गिरा भी।