स्वामी नारायण की जन्मस्थली पर चल रहे नौ दिवसीय छपिया महोत्सव में सातवें दिन गुरुवार को हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने देश की सरहद पर पाकिस्तान की नापाक करतूतों का जिक्र करते हुए उसे जमकर लताड़ लगाई। एक कवि डॉ. बीएन शर्मा ने पाकिस्तान की इस हरकतों पर उसे चेतावनी देते हुए पढ़ा कि पाक तुम्हारी करतूतों पर मानवता शरमाई है, कहे दूसरे शब्दों में तो शामत तेरी आई आई है। इन पंक्तियों को सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भी देशभक्ति के जज्बे से लबरेज दिखे और लोगों के भारत माता की जय के जयकारों से पंडाल गूंजता रहा।
भगवान घनश्याम की जन्मस्थली स्वामी नारायण छपिया में चल रहे छपैया महोत्सव में शाम को कवि सम्मेलन हुआ। इसकी अध्यक्षता कथावाचक स्वामी नित्य स्वरूपानंद जी ने की और संचालन प्रसिद्ध कवि सतीश आर्य ने किया।
मां सरस्वती की वंदना से कवि सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। युवा कवि सुधांशु वसंत ने पढ़ा- मानव इस संसार का यह सच कर स्वीकार, सतकर्मा की नाव से भवसागर हो पार। कवि बृजराज श्रीमाली ने अपनी रचना पढ़ते हुए कहा कि पता लगा लेना दुश्मन की क्या कैसी तैयारी है, युद्ध नहीं घुसपैठ रोकना पहली जिम्मेदारी है। कवि डा. रामकृष्ण लाल ने रचना पढ़ी जनता को रो रो अपना मधुवास दे दिया, वात्सल्य को चीख-चीख सन्यास दे दिया।
कवियों की देशभक्ति से भरी हुई इन पंक्तियों ने श्रद्धालुओं में देशप्रेम की भावना को झकझोर दिया और पूरा पंडाल जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इसके पहले महोत्सव में अयोध्या से आए कलाकारों ने अवधी लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इन्होंने अपनी लाठी नृत्य से भगवान के अनेक रूपों की भावपूर्ण झांकी प्रस्तुत की। भगवान शंकर, कृष्ण, राम हनुमान के रूपों में कलाकारों ने नृत्य कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथावाचक स्वामी नित्य स्वरूपानंद जी महराज ने इन कलाकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर लंदन से आए हरिभक्त नारायण भाई पिंडोरिया, कुंवर विक्रम सिंह, बिंद्रा प्रसाद शुक्ला आदि को स्वामी जी ने भगवान की प्रतिमा देकर सम्मानित किया। स्वामी नारायण मंदिर जूनागढ़ के महंत प्रेम स्वामी ने यजमान आशीष भाई मानसेता को साफा बांधकर उनका स्वागत किया।
1000 व 500 सौ रुपये के नोटों का चलन बंद होने से स्वामी नारायण छपिया के महोत्सव में भगवान घनश्याम के जन्मस्थली पर भगवान के दर्शन के लिए हरिभक्तों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो दिन बाद एटीएम खुलने की सूचना से इन श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली थी लेकिन शुक्रवार को स्टेट बैंक का एटीएम नहीं खुला। एटीएम के बंद रहने से श्रद्धालु पैसा नही निकाल सके और उन्हें मायूस होना पड़ा।