फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोषाहार तैयार करने के लिए अब ब्लाकों पर लगेंगे प्लांट

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण का कार्य तो आजीविका मिशन की महिला समूहों ने शुरू कर दिया है, लेकिन आने वाले दिन में वे पोषाहार तैयार भी करेंगी। इसके लिए योजना तैयार हो रही है। इस साल के जून माह में पोषाहार प्लांट लगाए जाने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
विज्ञापन

अभी केंद्रों पर पोषाहार देने के लिए कोटेदारों से सामग्री लेकर वितरित किए जाने की व्यवस्था है। यह काम समूहों की ओर से किया भी जा रहा है लेकिन इससे काफी समय लग रहा है। प्लांट लगने से महिला समूहों को सीधे रोजगार हासिल हो सकेगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों का पोषाहार ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समूहों की ओर से किए जा रही कार्रवाई से विभाग को काफी सहूलियत मिली है। पहले पोषाहार के लिए टेंडर राज्य स्तर से होते थे और बाहर से सामग्री आते थे। जिले में भी ढुलाई का ठेका होता था।
विज्ञापन

इसके लिए कई तरह के दबाव भी बनते थे और बीच में पोषाहार की कालाबाजारी की शिकायतें भी मिल रहीं थीं। लेकिन समूहों के माध्यम से पोषाहार बांटे जाने की कार्रवाई से एक हजार से अधिक महिला समूहों को रोजगार भी मिल चुका है। पोषाहार भी बच्चों को पहुंच रहा है।
लेकिन अब समूह की महिलाएं पोषाहार तैयार भी करेंगी। प्रदेश के दो जिलों में प्लांट लगाने का प्रयोग पहले किया गया था, जिसके परिणाम सार्थक निकले हैं। अब आने वाले दिनों में जिले के ब्लाकों में भी प्लांट लगाए जाएंगे। प्लांट लगाने के लिए भवन में ऑफिस, तीन फेस का कनेक्शन, पानी की व्यवस्था के लिए सबमर्सिबल और चंगिंग रूम अनिवार्य रूप से रहेगा।
इसके लिए खाका खींचा गया है। ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक नीलांबुज ने कहा कि वार्षिक कार्य योजना में पूरे जिले के 16 ब्लाकों को इंसेंटिव ब्लाक घोषित किया गया है। नए वित्तीय वर्ष से कई नई परियोजनाएं शुरू हो सकेंगी। इसमें जून तक प्लांट पर भी कार्रवाई शुरू होनी है। फिलहाल पोषाहार का वितरण समूहों के माध्यम से कराया जा रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषाहार दिए जाने के लिए प्लांट लगने से महिला समूहों को स्थायी रोजगार हासिल हो सकेगा। एक तो हर महीने वह पोषाहार तैयार करेंगी और फिर एक हजार से अधिक समूहों के माध्यम से पोषाहार का वितरण भी होगा। 16 ब्लाकों में प्लांट लगा तो चार सौ से अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सकेगा। इससे समूहों की महिलाओं में भी उत्साह है।
जिले के महिला समूहों की तारीफ प्रधानमंत्री तक कर चुके हैं। हलधरमऊ के कमालपुर गांव की महिला समूहों ने नर्सरी का कार्य किया। जिले में पौधरोपण अभियान में समूहों ने पौध की आपूर्ति की। इसके अलावा स्थानीय लोगों को भी पौधरोपण के लिए प्रेरित किया।
समूहों ने करीब पांच से छह लाख तक की आमदनी की। समूह की तारीफ प्रधानमंत्री ने की और लाइव बातचीत भी बीते साल किया। इसके साथ ही बरसड़ा के समूह ने भी कई परियोजनाओं से अच्छी आमदनी किया। ऐसे में जिले में महिला समूहों की अलग पहचान बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें