गोंडा। भले ही कोरोना संक्रमण का खतरा खत्म न हुआ हो, लेकिन लोगों ने मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की आदत छोड़ दिया है। कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले एक बार फिर चिंता बढ़ाने लगे हैं।
वहीं जिले में लोगों की मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की आदत छूट गई है। प्रशासन भी कोरोना के दूसरी लहर की संभावना से बेखर है। लोग लापरवाही करते हुए बिना मास्क पहने बाजार, अस्पताल व सरकारी कार्यालयों में घूमते रहते हैं।
लोग बिना मास्क लगाए आयोजनों में जाकर हाथ मिलाना व गले मिलने की पुरानी आदत फिर से शुरु कर दिए हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश समेत कुछ राज्यों में संक्रमण ने खतरे की घंटी बजा दी है। लेकिन जिले में संक्रमण का कोई खौफ नहीं रह गया है। वैक्सीन लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद लापरवाही दिखाई देने लगी है।
हालांकि वैक्सीनेशन के दौरान बताया जा रहा है कि अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। मास्क लगाना और सामाजिक दूरी का पालन करना उतना ही जरूरी है, जितना संक्रमण काल में था। इसके बाद भी लोग कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं।
कोरोना संक्रमण काल मे सभी कार्यालयों के बाहर कोरोना हेल्प डेस्क बनाया गया था। जिस पर बैठा कर्मचारी कार्यालय के अंदर प्रवेश करने वाले व्यक्ति का तापमान मापकर हाथों को सेनेटाइज करवाता था। तथा अनिवार्य रुप से मास्क पहनकर ही अंदर प्रवेश करने की बात बताता था।
लेकिन अब अधिकांस कार्यालयों से या तो हेल्पडेस्क गायब हो गए या उस पर कर्मचारी नदारद मिलता है। जिला अस्पताल में भी लोग बिना मास्क लगाए ओपीडी कक्ष के बाहर भीड़ लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। लोगों के इस लापरवाही से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कोरोना संक्रमण का खतरा कम होते ही फिर सरकारी व निजी बसों में सीट से कहीं ज्यादा यात्री बैठाना शुरु कर दिया गया। बसों व टैक्सियों में यात्रा करने वाले लोग भी मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना बढ़ जा रही है।