गोंडा। भारत सरकार की ओर से किसानों को खेती के लिए जमा पूंजी की व्यवस्था करने के लिए किसान सम्मान निधि की व्यवस्था कराई गई है। इसमें किसानों को तीन किस्तों में 6 हजार रुपये की धनराशि दी जाती है। लेकिन कुछ लोगों ने गलत तरीके से सम्मान निधि योजना का लाभ उठाया है। ऐसे लोगों की पड़ताल की जा रही है। विभागीय जांच में पता चला है कि जिले में कई पेंशनरों ने भी किसान सम्मान निधि का लाभ उठाया है। पड़ताल में कुल 25 पेंशनर ऐसे हैं जो कि सम्मान निधि का लाभ लेते पाये गये हैं।
अब इन पेंशनरों से जिन्होंने गलत तरीके किसान सम्मान निधि का लाभ उठाया है, उनसे वसूली की कवायद चल रही है। इसी के साथ ही जिले में कई मृतक किसानों के नाम पर किसान सम्मान निधि उनके खाते में चली गई है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में मृतक किसानों की पड़ताल की जा रही है। जिले में अब तक की पड़ताल में लगभग 250 ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं जिनके मृत होने के बाद भी सम्मान निधि का लाभ मिला है। कृषि विभाग के मुताबिक अधिकांश किसान जो कि मृतक हो चुके हैं उनके परिजन खुद आकर अपने परिजनों की मौत की सूचना दे रहे हैं।
ऐसे खातों की रोकी गई है पेमेंट
कृषि विभाग की ओर से की गई पड़ताल में कई ऐसे खाते सामने आये हैं जिनकी मौत के बाद भी किसान सम्मान निधि उनके खाते में गई है। उनकी पड़ताल करके उन खातों की पेमेंट रोक दी गई है। जब उनके वारिस अपने कागजात विभाग और बैंक को देंगे तब उनके खाते को चालू कराया जायेगा। जिन्होंने मृतक किसानों के खाते से राशि निकाल ली है, उनसे वसूली की जायेगी।
फैक्ट फाइल
कुल पंजीकृत किसान 5 लाख 83 हजार
लाभ पाने वाले किसान 4 लाख 83 हजार
अपात्र किसान 50 हजार
भूमिहीन किसान 20 हजार
अब तक जिले में कुल 250 किसान ऐसे मिले हैं जो कि सम्मान निधि का लाभ पा चुके हैं और उनकी मौत हो चुकी है। अधिकांश परिजन ऐसे हैं खुद ही आकर अपनी डिटेल दे रहे हैं। वहीं जो सहयोग नहीं कर रहे हैं उनके खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। लगभग 25 पेंशनरों ने भी सम्मान निधि का लाभ उठाया है। वो लोग खुद ही पैसे कोष में जमा करा रहे हैं। पंजीकृत किसानों में पात्र किसानों की पड़ताल की जा रही है।
- मुकुल तिवारी, उप निदेशक कृषि