जिले में रविवार को जगह-जगह परशुराम की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कहीं पूजन-अर्चन के बाद प्रसाद बांटा गया तो कहीं शर्बत वितरण का आयोजन किया गया।
शहर के टाउन हाल में सनातन ब्राह्मण समाज एवं चेतना परिषद के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण व पूजन-अर्चन से हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्राह्मण समाज के मंडलीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश शुक्ल ने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा संस्कृत के बिना संभव नहीं है। उन्होंने ब्राह्मण समाज से एकजुट होकर समाज हित में कार्य करने की अपील की।
जिलाध्यक्ष राम सबूरे मिश्र ने कहा कि कुछ लोग भगवान परशुराम को क्षत्रिय विरोधी बताते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। परशुराम भगवान विष्णु के अवतार हैं।
उधर, रुपईडीह ब्लॉक के फरेंदा शुक्ल गांव में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य राम अनुज पांडेय ने कहा कि व्यक्ति को विकास के लिए सुरक्षा एक अनिवार्य पहलू है।
उन्होेंने कहा कि ब्राह्मणों को शास्त्र के साथ शस्त्र धारण करना भी जरूरी है, तभी ब्राह्मण समाज का विकास हो सकता है। प्रबंधक कर्मचंद्र सिंह ने कहा कि कक्षा आठ पास बालिकाआें को निशुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी।
अध्यक्षता करते हुए प्रेमशंकर मिश्र ने कहा कि इतिहास व्यक्ति की पहचान है। वहीं, परशुराम जयंती पर पंडरीकृपाल विकास मंच के तत्वावधान में चंटूबाबा मंदिर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष धर्मेंद्र पांडेय ने कहा कि ब्राह्मण समाज आज अपनी दिशा और संस्कृति से भटक गया है। ब्राह्मण समाज को अपने सनातन धर्म के अनुरूप संस्कृति का पालन करना चाहिए। गोष्ठी के समापन पर शर्बत वितरण का आयोजन किया गया।