सोमवार की सुबह आठ से दोपहर डेढ़ बजे तक हुई बिजली कटौती से भीषण गर्मी में लोग परेशान हो गए। 220 केवी बिजली कंट्रोल रूम की 132 केवी लाइन के बसबार में आई खराबी को ठीक करने में पारेषण खंड कर्मियों को साढ़े पांच घंटे लग गए। इस दौरान न सिर्फ गोंडा बल्कि मंडल के सभी चार जिलों की बिजली पूरी तरह ठप रही, जिससे लोगों को सुबह से लेकर दोपहर तक भीषण गर्मी की मार से जूझना पड़ा।
गोंडा में जेल रोड पर स्थित 220 केवी बिजली कंट्रोल रूम से ही गोंडा व मंडल के बाकी तीन जिलों को आपूर्ति की जाती है। सोमवार को इस बिजली कंट्रोल रूम में आई 132 केवी लाइन के बाईं ओर लगे बसबार को ठीक करने के लिए पारेषण खंड विभाग ने सुबह सात से दोपहर 12 बजे तक सुल्तानपुर बिजली कंट्रोल रूम से बिजलीघर का शटडाउन ले रखा था। लेकिन किन्हीं कारणों से सुल्तानपुर से शटडाउन दिए जाने में एक घंटे की देरी हो गई और जैसे ही आठ बजे कि पूरे मंडल की बिजली एकाएक गुल हो गई।
सुबह 8 बजे से शुरू हुआ बसबार बदलने का काम बिजलीघर पर दोपहर डेढ़ बजे तक चला। इस दरम्यान न सिर्फ गोंडा बल्कि मंडल के बाकी तीन जिलों बहराइच, बलरामपुर व श्रावस्ती की बिजली साढ़े पांच घंटे तक गुल रही, जिससे लोगों को सुबह के वक्त रोजमर्रा की दिक्कतों के साथ ही दोपहरी में भीषण गर्मी की मार से जूझना पड़ा।
पारेषण खंड विभाग के अधिशाषी अभियंता सीपी पांडेय ने बताया कि सोमवार को सुल्तानपुर से गोंडा आने वाली 220 केवी लाइन का शटडाउन 132 केवी लाइन के बसबार को बदलने के लिए लिया गया था। चूंकि इसका समय पहले सात बजे तय था। लेकिन शटडाउन देने में एक घंटे की देरी हो जाने से वह आठ बजे प्रभावी हुआ। दोपहर डेढ़ बजे बंद चल रही सभी चार जिलों की बिजली बसबार को बदलकर बहाल कर दी गई।
इस दौरान जहां आम बिजली उपभोक्ताओं की तरह पूरे मंडल में बिजली गुल रही, तो वहीं दूसरी तरफ 24 घंटे बिजली वाले इंडीपेंडेंट फीडरों की भी सप्लाई इस दरम्यान गुल रही, जिसमें जिला पुुरुष, महिला अस्पताल के साथ ही कोर्ट फीडर शामिल हैं।