गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नए परिसीमन के बाद नगर निकायों में शामिल हुए गांवों के मतदाता पंचायत चुनाव में भाग नहीं ले पाएंगे। वहीं, नगर पालिका परिषद गोंडा से सटे गांवों के मतदाता पहले की तरह ही पंचायत चुनाव में ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ऐसे में प्रस्ताव भेजने के बावजूद पंचायतों के लोगों का नगर में शामिल होने का सपना नहीं पूरा हो पाएगा।
नए परिसीमन के अनुसार, जहां इस बार 1214 के सापेक्ष 1192 पंचायतों में चुनाव कराया जाएगा। कुल 22 पंचायतों में नगर क्षेत्र में शामिल हुई। इसमें करनैलगंज, कटरा बाजार का विस्तार किया गया। जबकि धानेपुर, तरबगंज और बेलसर का नगर पंचायत में सृजन किया गया। ऐसे में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव में यहां के लोग प्रतिभाग नहीं कर पाएंगे। खास बात यह है कि जिले में शहरीकरण को बढ़ावा मिला, जबकि नगर पालिका परिषद गोंडा के आसपास के 24 गांवों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कोई बदलाव नहीं किया गया। यहां पंचायत चुनाव कराने के लिए पुनरीक्षण काम किया गया। वोटरलिस्ट तैयार की जा रही है।
अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि नगर पालिका परिषद के आसपास के गांवों को नगर निकाय में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया। मगर अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। वहीं डीपीआरओ लाल जी दूबे ने बताया कि पंचायत चुनाव कराने के लिए सभी तैयारियां की जा रही है।
निकाय में शामिल करने की थी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका गोंडा के आसपास कई पंचायतें ऐसी हैं जिनकी आबादी के लिहाज से जरूरतें बढ़ गई हैं। नगर क्षेत्र में रहने के बावजूद भी नगरीय सुविधा नहीं मिल पा रही है। पूरेशिवाबख्तावर में रहने वाले ज्ञान मिश्र का कहना है कि लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखना चाहिए। मगर गांवों को नगर पालिका परिषद में शामिल नहीं किया जा सका है।