गोंडा में नवाबगंज के साकीपुर बाड़ी माझा में कटान की जद में आया धान का खेत। - संवाद
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे में 17 सेंटीमीटर बढ़ गया है। हालांकि, अभी नदी खतरे के निशान 106.07 से तीन सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, नवाबगंज के साकीपुर के बाड़ी माझा में कटान का दायरा बढ़ गया है। धान व गन्ने की फसल मिट्टी समेत पानी में समा रही है। मजबूरी में किसान फसलें काटकर पशुओं को खिला रहे हैं।
लगातार बारिश के चलते सरयू नदी में जलस्तर के साथ डिस्चार्ज भी बढ़ रहा है। अब नदी खतरे के निशान से मात्र तीन सेंटीमीटर नीचे रह गई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक अभी जलस्तर बढ़ेगा। बरसात की वजह से अभी गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। नदी, नाला, तालाब पहले से भरे हुए हैं। अब अगर जलस्तर में वृद्धि होती है तो पानी सीधे गांवों की ओर रुख करेगा। ग्राम नकहरा, चंदापुर किटौली, पसका बाढ़ की चपेट में जा आएंगे।
उधर, बरसात के चलते एल्गिन-चरसड़ी बांध पर तमाम स्थानों पर रेन कट्स बन गए हैं। ग्राम बहुवन मदार मांझा में बनाए गए स्परों की मिट्टी भी बह गई है। बाढ़ खंड के अधिकारी मरम्मत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य का कहना है कि जहां-जहां बांध पर रेन कट्स हुए हैं उन्हें भराया जा रहा है। लगातार निगरानी कराई जा रही है।