डीएम कार्यालय में प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
गोंडा। संयुक्त किसान मोर्चा ने खाद की कालाबाजारी की समस्या को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इसके बाद मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला संयोजक कॉमरेड अमित शुक्ल ने कहा कि 24 नवंबर 2024 को नेशनल पाॅलिसी फ्रेम वर्क ऑन एग्रीकल्चर मार्केटिंग का मसौदा जारी हुआ था। यह पाॅलिसी खाद्य पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण और मार्केटिंग की पूरी खाद्य शृंखलाओं को कंपनियों के हवाले करने की नीति है। इससे किसान, फसल उत्पादन व आम आदमी को खाद्य पदार्थों के लिए पूरी तरह कंपनियों के ऊपर निर्भर होना पड़ेगा।
किसान सभा के अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में दीनानाथ त्रिपाठी, राजीव कुमार, भगवानदीन, साजन सलमानी, वीर सिंह, रामकिशोर भारती, वैभव, रामजी, सलमान, रामफल, दशरथ लाल, नीरज, ओमप्रकाश, रामधन प्रधान आदि मौजूद रहे।