गोंडा। तरबगंज के गोहनी गांव में शत्रु संपत्ति को फर्जीवाड़ा कर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह ने तत्कालीन एसडीएम समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना कराने का आदेश दिया है। न्यायालय ने थाना तरबगंज पुलिस को मुकदमा दर्ज कर 10 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम मौजूदा समय सिद्धार्थनगर में तैनात हैं।
गोहनी गांव निवासी अजय कुमार पांडेय और राजू सिंह की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि 0.138 हेक्टेयर भूमि मूल रूप से ऐसे परिवार के नाम दर्ज थी, जो वर्ष 1945 से पहले पाकिस्तान चला गया था। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि यह भूमि शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन चकबंदी के बाद कथित कूटरचना, धोखाधड़ी और राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर इसे कुछ लोगों के नाम दर्ज करा दिया गया। बाद में भूमि की बिक्री कर उस पर निर्माण भी शुरू करा दिया गया। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया कि मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई।
सुनवाई के बाद सीजेएम ने तत्कालीन एसडीएम तरबगंज विश्वमित्र सिंह, तहसील के तत्कालीन आरआरके, गोहनी के तत्कालीन हल्का लेखपाल तथा स्वामीनाथ, ओमप्रकाश, रामदयाल, राजेश कुमार और गीता देवी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना कराने का आदेश दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में थाना तरबगंज पुलिस को निर्देश दिया है कि एफआईआर दर्ज होने के 10 दिन के भीतर न्यायालय में आख्या प्रस्तुत की जाए। एसओ तरबगंज श्रीधर पाठक ने अभी न्यायालय का आदेश न मिलने की बात कही है।