गोंडा। मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में ऑक्सीजन पाइपलाइन पर चूहों की उछलकूद का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मामला शासन स्तर तक पहुंचते ही प्रशासन हरकत में आ गया। शुक्रवार को डीएम प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया और पुराने अस्पताल की सभी ओपीडी सेवाएं 15 दिन के भीतर नई बिल्डिंग में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने मेडिकल कॉलेज की नई इमारत के प्रथम, द्वितीय, तृतीय और पंचम तल का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय उपकरणों और संचालन की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। अत्याधुनिक भवन पूरी तरह तैयार होने के बावजूद ओपीडी सेवाएं शुरू न होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस को आवश्यक निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि ओपीडी संचालन से पहले नई बिल्डिंग में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, मरीजों के बैठने की समुचित व्यवस्था, स्पष्ट संकेतक बोर्ड, पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष और आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीडीओ सुशील कुमार श्रीवास्तव, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल, सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. डीएन सिंह, रजनीश सिंह, दीक्षा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
एक ही परिसर में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को बेहतर, सुरक्षित व आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नई बिल्डिंग में ओपीडी संचालन से मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और जिला अस्पताल पर दबाव भी कम होगा।