क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के गायनी वार्ड में एक बैड पर दाखिल चार मरीज
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15 जुलाई को पूरे प्रदेश में गर्भवती धात्री महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों के लिए शुरू किया गया हौसला पोषण मिशन दूसरे दिन ही फ्लॉप हो गया। बजट नहीं मिलने के कारण प्रधानों ने मिशन के क्रियान्वयन से पल्ला झाड़ लिया है। प्रधानों का कहना है कि बजट मिलने पर ही मिशन का संचालन संभव हो सकेेगा। ‘अमर उजाला टीम’ ने शनिवार को मिशन की हकीकत जानने के लिए कुछ गांवों का जायजा लिया तो कुछ इसी तरह की समस्याएं सामने आईं।
तुलसीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ओड़ाझार कला में हौसला पोषण मिशन का संचालन शनिवार को नहीं किया गया। ग्राम प्रधान रामगोपाल मौर्या ने बताया कि अभी उन्हें बजट ही नहीं मिला है। बजट मिलने पर मिशन का संचालन शुरू किया जाएगा।
तुलसीपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत परसपुर करौंदा में भी बजट नहीं मिलने के कारण हौसला पोषण मिशन शुरू नहीं हुआ है। लोगों को मिशन के बारे में जानकारी भी नहीं है। ग्राम प्रधान रूहेल अहमद ने बताया कि बजट मिलने पर मिशन का संचालन किया जाएगा।
यही स्थिति ग्राम पंचायत तुलसीपुर देहात तथा शिवानगर आदि गांव में भी देखने को मिली। जिला प्रशासन का हौसला पोषण मिशन से संबंधित दावा हकीकत में फ्लॉप नजर आ रहा है। सरकार की मंशा पर प्रशासन की लेटलतीफी के चलते पानी फेरा जा रहा है।