गोंडा। सब्जी की महंगाई अब किसानों को भारी नहीं पड़ेगा। सब्जी की महंगाई से होने वाली किरकिरी पर सरकार ने अंकुश लगाने के लिए किचन गार्डेन योजना शुरू की है। इसके लिए जिले में एक हजार किसानों को किचन गार्डेन की सौगात देने की पहल हो रही है। उद्यान विभाग ने इसका खाका खींचा है, किचन गार्डेन के लिए किसानों को विभाग की तरफ से सब्जी व मसाले के बीज दिए जाएंगे। इसमें किसानों की 50 फीसदी सहभागिता भी होगी। किसानों को 50 रुपये जमा करके उद्यान विभाग में पंजीयन कराना होगा और उन्हें किचन गार्डेन के लिए बीज की किट दी जाएगी। एक हजार किसान किचन गार्डेन में जरूरत की सब्जी उगा सकेंगे। साथ ही वह इसके बारे में अन्य किसानों को प्रेरित करेंगे।
सब्जियों में महंगाई का शोर हर साल होता है और सरकार की किरकिरी होती है। किसानों के यहां किचन गार्डेन की योजना के जरिए एक ऐसा संदेश देने की पहल हो रही है लोग अपने जरूरत की सब्जी अपने आंगन में ही उगा सकते हैं। इसके लिए किसानों को जोड़ा जा रहा है। अब सरकार ने किचन गार्डेन की स्थापना गांवों में कराने की योजना तैयार की है। जिले में एक हजार किसानों को सब्जी का उपयोग अपने किचन गार्डेन से करने के लिए प्रेरित करेगा। इसके लिए उद्यान विभाग किसानों को 50 फीसदी कम मूल्य पर किचन गार्डेन के लिए बीज उपलब्ध कराएगा। हर किसान को सब्जी संस्थान बनारस से आए बीज दिए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को प्रेरित करके बड़े पैमाने पर किचन गार्डेन लोगों के घरों में तैयार करने की योजना पर अमल हो रहा है।
केला और सब्जी की खेती करने पर मिलेगा अनुदान
सब्जी और केले की खेती पर अनुदान देने की योजना तैयार हुई है। जिले में 125 हेक्टेयर खेती कराने का लक्ष्य तय हुआ है। जिसमेें प्रति हेक्टेयर तीस हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसमें एक एकड़ केले की खेती पर 12.5 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इससे 400 किसानों को भी अनुदान भी मिल सकेगा। इसके अलावा सब्जियों की खेती पर भी अनुदान मिलने की योजना शुरू हुई है। सब्जियों की खेती पर जोर दिया जा रहा है। जिसमें एक एकड़ की खेती करने वाले किसानों को आठ हजार रुपये और एक हेक्टेयर खेती पर 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा फूल की खेती पर अनुदान तय किया गया है। उद्यान विभाग किसानों को योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
ऑनलाइन पंजीयन कराने पर ही मिलेगा योजना का लाभ
किसानों को अनुदान की योजनाओं का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए खतौनी के साथ ही बैंक डिटेल व आधार कार्ड देना होगा। ऑनलाइन पंजीयन कराने में दिक्कत होने पर सीधे उद्यान विभाग में अपनी पूरी जानकारी के साथ अभिलेख जमा कर सकते हैं। विभाग खुद से ही किसानों का पंजीयन करने की सुविधा दे रही है। उद्यान विभाग में अब तक करीब सौ किसानों ने विभिन्न योजनाओं में आवेदन किया है। अन्य लोगों को विभाग प्रेरित कर रहा है।
किसानों को किचन गार्डेन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा सब्जी व अन्य योजना के लिए आवेदन कराया जा रहा है। सभी को योजना से जोड़ा जा रहा है। -अनिल शुक्ल, योजना प्रभारी उद्यान विभाग
किसानों और आम लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। किसानों को विभिन्न योजनाओं से अनुदान दिया जा रहा है। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ