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Gonda News: उल्टी-दस्त से वृद्धा की मौत, 14 की हालत बिगड़ी

Sun, 28 Jul 2024 11:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। खरगूपुर के कुरासी गांव में उल्टी-दस्त से पिता-पुत्री की मौत के बाद रविवार को मृतक सुशील कुमार शुक्ल की मां भी उल्टी-दस्त से गंभीर बीमार हो गईं। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां देर शाम उनकी मौत हो गई। सुशील की पत्नी व दो बेटियों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। वहीं, जिले के विभिन्न स्थानों से आए उल्टी-दस्त, पेट दर्द व बुखार के 14 मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
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कुरासी गांव में डायरिया जैसे लक्षण वाली अज्ञात बीमारी से शनिवार को 24 घंटे के भीतर सुशील कुमार शुक्ल (30) व उनकी बेटी शिव देवी उर्फ मिस्टी (01) की मौत हो गई थी। सुशील की पत्नी व दो बेटियों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। रविवार को सुशील की मां शीला देवी (62) भी उल्टी-दस्त से गंभीर बीमार हो गईं। उन्हें महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती कराया गया। जहां देर शाम शीला की भी मौत हो गई। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कुरासी गांव में डेरा डाल रखा है, लेकिन यह भयावह संक्रमण किस कारण पसरा, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
जिले के अन्य इलाकों में भी डायरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शहर के घोसियाना निवासी आजाद (7), रानी बाजार निवासी कंचन कसौंधन (41), तरबगंज के मिश्रनपुरवा निवासी आज्ञाराम (55) करनैलगंज के कस्तूरी निवासी मस्तान (40), कटरा बाजार के आशा पुरवा निवासी विजय (35) नगर कोतवाली के पास के रहने वाले मनीराम (31), भटपुरवा निवासी अमित तिवारी (24), वजीरगंज निवासी किशनलाल (71), मनकापुर निवासी रामफेरन वर्मा (70) सहित 14 लोगों को उल्टी-दस्त व पेट दर्द होने पर मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि उमस भरी गर्मी में अनियमित खानपान के कारण उल्टी-दस्त की समस्या होती है। उपचार में देरी जानलेवा हो सकती है।
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कुरासी गांव में पिता-पुत्री समेत तीन की मौत और इसी परिवार के तीन सदस्यों के उल्टी-दस्त से पीड़ित होने के बाद स्थानीय सीएचसी व सीएमओ कंट्रोल रूम की टीम गांव में डेरा डालकर निरोधात्मक कार्रवाई में जुटी हुई है। कंट्रोल रूम प्रभारी डॉ. वीके गुप्ता का कहना है कि यदि सुशील का परिवार डायरिया की चपेट में होता तो गांव में कोई और भी पीड़ित होता। सिर्फ एक ही परिवार के लोग पीड़ित हैं, इससे फूड पॉइजनिंग की भी आशंका है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम को खाद्य पदार्थों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजना चाहिए। गांव के सर्वदानंद अवस्थी ने बताया कि एफएसडीए की टीम नहीं पहुंची है। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अजीत मिश्र ने बताया कि कुरासी गांव में बीमारी फैलने की सूचना नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानकारी मिलने पर गांव में टीम भेजी जाएगी।
कुरासी गांव में फैली गंदगी के कारण भी संक्रामक बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है। मृतक सुशील कुमार शुक्ल के घर के आसपास नालियां चोक थीं। जिससे जलभराव व गंदगी का अंबार था। पिता-पुत्री की मौत के बाद रविवार सुबह गांव में आनन-फानन सफाई कराई। जबकि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत गांव-गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराने का दावा किया जा रहा है।
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