शिव महापुराण कथा के दौरान मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
गोंडा। आईटीआई रोड स्थित आरएन पांडेय हॉस्पिटल परिसर में आयोजित शिव महापुराण कथा में बृहस्पतिवार को भक्ति व आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन से आए प्रवाचक कौशिक जी महाराज ने शिव महापुराण की महिमा को विस्तार से बताया।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान शिव केवल संहारक नहीं, बल्कि परम कल्याणकारी व करुणा के सागर हैं। शिव कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि इसे जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। प्रवाचक ने यह भ्रांति भी दूर की कि शिव जी पर चढ़ा प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव प्रसाद का सेवन करना पुण्यदायी है और शिव जी को नैवेद्य अर्पित करने से हजारों यज्ञों के समान फल मिलता है।
उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर चढ़ा धन नहीं लेना चाहिए और न ही सीधे पिंडी पर अर्पित करना चाहिए, बल्कि उसे समीप में रखना चाहिए। बेल वृक्ष की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेल की जड़ों में जल अर्पित करने से सभी तीर्थों का फल मिलता है तथा तने में जल चढ़ाने से संतान सन्मार्ग से नहीं भटकती। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नृत्य करते दिखे। पूरा परिसर शिवलोक की अनुभूति करा रहा था। इस दौरान आयोजक डॉ. राजेश पांडेय, प्रतिभा पांडेय, अलका पांडेय, महेश नारायण तिवारी, रामनरेश पांडेय, दुर्गेश मिश्र, डॉ. सुनील पाठक, चंद्र मोहन मिश्र, संजय शुक्ल आदि मौजूद रहे।