फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

करनैलगंज क्षेत्र में एचआईवी मरीजों की संख्या 59

विज्ञापन
विज्ञापन
करनैलगंज (गोंडा)। एड्स का ज्ञान बचाए जान। यह पंक्तियां मात्र स्लोगन बनकर रह गई हैं। एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। जिले में कोरोना का हौव्वा लोगों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है। मगर जो समस्या लगातार समाज में बनी हुई है उसे दूर करने की कवायद नहीं हो रही है। अकेले करनैलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एचआईवी पॉजीटिव मरीजों की संख्या 59 है। जिसमें 7 की मौत होने के बाद अब भी 52 मरीज इस अस्पताल से पंजीकृत हैं। कुल 52 में से मात्र 3 मरीजों का इलाज चल रहा है। बाकी मरीज जांच के बाद अस्पताल के संपर्क में ही नहीं आए। इसके अलावा हलधरमऊ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मात्र तीन एचआईवी पॉजिटिव मरीज पंजीकृत हैं। जिनका इलाज पंजीकरण के बाद नहीं हुआ। मरीज परीक्षण कराने के बाद इस अस्पताल तक नहीं पहुंचे। लगातार एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या में हो रहा इजाफा केवल अस्पताल की अलमारी में कैद सफेद पन्नों तक सीमित रह गया है।
विज्ञापन

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आईसीटी काउंसलर संतोष कुमार के मुताबिक एचआईवी पॉजिटिव संदिग्ध मरीजों को अस्पताल में पंजीकरण करके उनकी जांच कराई जाती है। जांच के बाद रिपोर्ट आने पर उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया जाता है। मगर अधिकांश मरीज पंजीकरण और जांच के बाद अस्पताल में नहीं आते हैं। अभिलेखों को मुताबिक वर्ष 2015 में इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 9 मरीज, वर्ष 2016 में 4 मरीज, 2017 में तीन मरीज, 2018 में 15 मरीज, 2018-19 में 12 मरीज और 2019-20 में 16 मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। 5 वर्षों में कुल मरीजों की संख्या 59 है। जिसमें 7 की मौत हो चुकी है। बाकी मरीजों पर लगातार स्वास्थ्य विभाग की निगरानी चल रही है। तीन मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। बाकी मरीज अस्पताल के संपर्क से बाहर हैं।
उनका कहना है कि कोई भी एचआईवी पॉजिटिव संदिग्ध मरीज मिलता है तो उसकी सहमति पत्र लेकर जांच के लिए भेजा जाता है और जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मरीज अस्पताल आना मुनासिब नहीं समझते हैं। प्रपत्रों के मुताबिक उसरेर, दिनारी, पहाड़ापुर, कौड़हा जगदीशपुर, हीरापुर शाहपुर, दुबहा बाजार, कटरा बाजार, धनावा, रेरुवा, करुआ, अल्लीपुर, मुंडेरवा, गुरसड़ी एवं करनैलगंज नगर के मरीज मिले हैं। इसी तरह हलधरमऊ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसपी वर्मा के मुताबिक उनके अस्पताल में मात्र तीन मरीज एचआईवी पॉजिटिव हैं। जिनका पंजीकरण है, मरीजों द्वारा इलाज के लिए अस्पताल से कोई संपर्क नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन

सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा कहते हैं कि जितनी भी गर्भवती महिलाएं अस्पताल में आती है। उनका पंजीकरण होने के बाद सबसे पहले उनका एचआईवी परीक्षण कराया जाता है। इसके अतिरिक्त जो भी व्यक्ति एचआईवी का परीक्षण कराना चाहता है उसका सहमति पत्र लेकर उसकी जांच कराई जाती है और एचआईवी पॉजिटिव मिलने पर उसे गोंडा जिला अस्पताल के एचआईवी सेंटर के लिए रेफर किया जाता है। अधीक्षक कहते हैं कि अधिकांश एचआईवी पॉजिटिव मरीज इलाज से ठीक हो चुके हैं। 7 लोगों की मौत पिछले 5 वर्षों में हुई है। बाकी मरीजों का इलाज चल रहा है और ठीक हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें