गोंडा। आठ करोड़ रुपये की लागत से गोंडा रेलवे यार्ड में बने सेंट्रल पैनल का शुभारम्भ माह सितंबर में हो जाएगा। इसके चालू होने से अब आउटर पर ट्रेनों को नहीं रोका जाएगा। ट्रेने से सीधे प्लेटफार्म पर पहुंचेंगी। जिससे यात्रियों को गन्तव्य तक पहुंचने में समय बर्बाद नहीं होगा। इसके साथ ही नए बने प्लेटफार्म नंबर चार व पांच से भी ट्रेनों को आवागमन शुरू हो जाएगा।
बता दें कि ट्रेनों के समय से पहुंचने में सुविधा के लिए गोंडा रेलवे यार्ड में तकरीबन 8 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल पैनल बनाया गया है। इस पैनल के चालू होने से ट्रेनों को आउटर पर नहीं रुकना पड़ेगा।
जिससे सभी ट्रेनें सीधे प्लेटफार्म पर पहुंचेंगी। अभी तक प्लेटफार्म खाली न होने पर ट्रेनों को आउटर पर रोकना रेलवे प्रशासन की मजबूरी थी। मगर अब इससे निजात मिल जाएगी।
शुक्रवार को गोंडा रेलवे यार्ड का निरीक्षण करने आई सेफ्टी ऑडिट टीम का नेतृत्व कर रहे पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सिग्नल एवम् दूरसंचार प्रबंधक व प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी अनिल मिश्रा ने बताया कि नए सेंट्रल पैनल का शुभारंभ सितंबर माह में कर दिया जाएगा।
बताया कि सेंट्रल पैनल को अत्याधुनिक यंत्रों से सुसज्जित किया जा रहा है। सेंट्रल पेैनल के चालू हो जाने से गोंडा रेलवे यार्ड में ट्रेनों के आने-जाने व संचालन में कोई रुकावट नहीं होगी ना ही ट्रेनों के समय में बर्बादी होगी। बताया कि अभी तक प्लेटफार्म खाली न होने के साथ ही अन्य कारणों से ट्रेनों को आउटर पर घंटो रोकना पड़ता था।
मगर सेंट्रल पेैनल के चालू हो जाने से अब बिना किसी रुकावट के प्लेटफार्मों पर ट्रेनें सीधी पहुंचेंगी। बताया कि नए बनाए गए प्लेटफार्म नंबर चार व पांच से भी जल्द ही ट्रेनों को आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। सेफ्टी ऑडिट टीम ने गोंडा रेलवे यार्ड के निरीक्षण के बाद सुभागपुर, इटियाथोक व बलरामपुर होते हुए बढ़नी रेलवे स्टेशन तक संरक्षा पर ऑडिट किया। टीम के साथ अपर मंडल रेल प्रबंधक शिशिर सोमवंशी सहित दर्जनों अधिकारी मौजूद रहे।