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अब सजायाफ्ता बंदी जेल के बाहर करेंगे व्यापार, शाम को लौटेंगे जेल

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गोंडा। जेल प्रशासन ने बंदियों के सुधार के लिए नई योजना बनाई है। अब सजायाफ्ता बंदियों को पूरे दिन जेल के बाहर व्यापार व नौकरी करने की छूट मिलेगी। मगर शाम को उन्हें जेल में फिर वापस लौटना होगा। सजायाफ्ता बंदियों के लिए जिला कारागार से सटे बाल कारागार में बंदी शिविर बनाया जाएगा। इसमें एक बंदी के लिए दो कक्ष, रसोईघर, स्नानघर व शौचालय बनाया जाएगा। जिसमें 18 बंदी परिवार के संग रह सकेंगे। इसके लिए जेल मुख्यालय ने इस्टीमेट मांगा है। इस्टीमेट स्वीकृत होते ही बंदियों के लिए कक्ष, रसोईघर, स्नानघर व शौचालय का निर्माण शुरु कर दिया जाएगा।
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जिला कारागार में निरुद्ध 900 बंदियों में सजायाफ्ता बंदियों के लिए खुशखबरी है। मुख्य कारागार के समीप स्थित बाल कारागार को कोविड-19 कारागार में परिवर्तित कर दिया गया है। जेल आने वाले बंदियों को पहले यहां 14 दिनों के लिए क्वारंटीन करने की व्यवस्था है। 14 दिनों पर सैंपल जांच कराए जाने के बाद ही उन्हें मुख्य कारागार में भेजा रहा है। यहां तकरीबन चार सौ बंदी निरुद्घ है। जेल प्रशासन ने बाल कारागार को बंदी शिविर बनाने की योजना तैयार की है। जिसमें सजायाफ्ता तीन सौ बंदियों में से 9 बंदियों को बाल करागार के शिविर में रखा जाएगा।
ये बंदी यहां अपने परिवार के संग रह सकेंगे। यही नहीं सजायाफ्ता 9 बंदी अपनी मर्जी के मुताबिक जेल के बाहर व्यापार व नौकरी कर सकेंगे। ये बंदी हररोज सुबह जेल खुलने के बाद कारागार के बाहर व्यापार व नौकरी करने जा सकेंगे। मगर उन्हें शाम को जेल बंद होने से पहले वापस लौटना होगा। बाल कारागार में बंदियों को परिवार के संग रहने के लिए एक बंदी परिवार के लिए 10 बाई 10 साइज के दो कक्ष, रसोईघर, स्नानघर, शौचालय व प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जेल मुख्यालय ने जेल अधीक्षक से एस्टीमेट मांगा है। एस्टीमेट स्वीकृत होते ही बाल कारागार में निर्माण कार्य शुुरू कर दिया जाएगा।
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अच्छे स्वभाव के नौ बंदियों को होगा चयन
जिला कारागार में निरुद्ध सजायाफ्ता तीन सौ बंदियों में प्रत्येक बंदी की मॉनीटरिंग के बाद अच्छे स्वभाव व अच्छे चाल चलन वाले बंदियों का चयन किया जाएगा। बंदियों के चयन में जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर समेत बंदी रक्षकों का भी सुझाव लिया जाएगा। यही नहीं बंदी किस केस में जेल में आया था और किस आरोप दोष सिद्ध किया गया है। इसका पूरा ब्यौरा भी खंगाला जाएगा। इसके बाद उसका चयन किया जाएगा।
तैयार किया जा रहा इस्टीमेट
जेल में सजायाफ्ता बंदियों के सुधार के मद्देनजर जेल प्रशासन ने नौ बंदियों को परिवार के संग रहने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। बंदियों के परिवार के लिए बाल कारागार में शिविर की व्यवस्था की गई है। इसमें एक बंदी के दो कक्ष, रसोईघर, स्नानघर, शौचालय बनाने के साथ ही प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए इस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जिसकी मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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-शशिकांत सिंह, जेल अधीक्षक
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