गोंडा। अमर उजाला में 27 अक्तूबर को शाम होते ही सीएचसी में ऊंघने लगती हैं स्वास्थ्य सेवाएं शीर्षक से प्रकाशित समाचार का जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। चिकित्सकों की सीएचसी पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए डीएम प्रियंका निरंजन ने पहल की है। अब जिले के सभी 16 ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारी देर रात अपने क्षेत्र के सीएचसी का भ्रमण करेंगे। वहां की व्यवस्था परखेंगे। इसके बाद भ्रमण का फोटो उसी वक्त जीपीएस लोकेशन के साथ ऑफिशियल ग्रुप में शेयर करेंगे। इसकी मानीटरिंग सीएमओ सहित अन्य अधिकारी करेंगे। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम प्रियंका निरंजन ने यह निर्देश अफसरों को दिया है। डीएम ने अप्रैल से अक्तूबर तक डिप्थीरिया के 11 मामले सामने आने के बाद कहा कि डिप्थीरिया से अगर कोई मौत हुई तो संबंधित एएनएम और आशा की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि प्रत्येक ब्लॉक में सीएचसी अधीक्षक, खंड विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी बाल विकास तथा पशु चिकित्सा अधिकारी संयुक्त रूप से बैठक करें। आपस में समन्वय स्थापित करके यह सुनिश्चित करें कि स्थानीय स्तर पर जो भी कमियां हैं, उन्हें दूर करना है। ताकि मरीजों को किसी भी तरह की समस्या न हो।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान डीएम ने अधीक्षकों से एक-एक योजना की प्रगति की जानकारी ली। जनसामान्य को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सभी अधीक्षकों को अपने-अपने सीएचसी एवं पीएचसी पर ही निवास करने के निर्देश दिए। संस्थागत प्रसव एवं विभिन्न प्रकार के टीकों को समय से लगवाने के निर्देश दिए। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मरीजों को भर्ती कराने, साथ ही इस पर विशेष ध्यान देने को कहा। ई कवच पोर्टल को अपडेट करने व प्रसव केंद्र पर प्रसव की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जनपद के सभी सब सेंटरों पर एएनएम की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जा सके। बैठक में सीडीओ अंकिता जैन, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमएस डॉ. देवेंद्र सिंह, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा, डॉ. सीके वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जयगाेविंद, डॉ. आरपी सिंह, अमरनाथ, संजय उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।