गोंडा। निजी स्कूलों की मनमानी पर अब लगाम कस दी गई है। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में 700 रुपये की साइंस की किताब के मुकाबले एनसीईआरटी की 65 रुपये की पुस्तक का मामला उजागर किया। इसके बाद डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने सख्त कदम उठाए हैं।
डीआईओएस ने सभी माध्यमिक विद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं कि कक्षा 9 से 12 तक केवल एनसीईआरटी की निर्धारित पुस्तकों से ही शिक्षण कार्य कराया जाएगा। इन कक्षाओं की किताबों के दाम भी तय कर दिए गए हैं, जिससे बच्चों को निर्धारित मूल्य पर ही पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा निर्धारित 36 विषयों की पुस्तकों का ही प्रयोग होगा। किसी भी विद्यालय में निजी प्रकाशकों की किताबें पाई गईं तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों व अभिभावकों को राहत देने के लिए जल्द ही पुस्तक मेले और जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि सभी को सस्ती किताबें आसानी से उपलब्ध हो सकें। (संवाद)