गोंडा। महिला अस्पताल में डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की हाजिरी ड्रेस कोड में आने पर ही लगेगी। बिना ड्रेस आने वाले चिकित्साकर्मियों को उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं करने दिया जाएगा। अस्पताल की सीएमएस डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी ने शासन की मंशा को अस्पताल में कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि हर रोज राउंड के दौरान चिकित्सकों का ड्रेस कोड जरूर देखा जाएगा। अभी तक चिकित्सक मनमर्जी के कपड़े पहनकर अस्पताल में आते थे, जिससे मरीजों को भी डॉक्टरों की पहचान नहीं हो पाती थी। अब अस्पताल में चिकित्सकों की अलग ही पहचान दिखेगी। चिकित्सक साधारण कपड़ों के साथ सफेद कोट पहने नजर आएंगे।
सभी कर्मियों पर लागू होगा ड्रेस कोड
सिर्फ डॉक्टर ही नहीं फार्मासिस्ट नियमित, अनुबंधित, एनएचएम समेत सभी कर्मी ड्रेस में ही आएंगे। क्लीनिकल, पैरामेडिकल, स्वच्छता, सुरक्षा, परिवहन, तकनीकी कार्यकर्ता, रसोई कार्यकर्ता के लिए भी वर्दी जरूरी की गई है। ड्रेस कोड का पालन नहीं वाले को अनुपस्थित माना जाएगा।
आशा के लिए ड्रेस व आईडी जरूरी
आशा कर्मियों को अस्पताल में प्रवेश करने के पहले ड्रेस, आईडी कार्ड व क्षेत्र का मरीज साथ में होना अनिवार्य है। सीएमएस ने कहा कि बिना कारण घूमने वाली आशाकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।