गोंडा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों और राजस्व वादों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शासन की प्राथमिकताओं, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण और राजस्व विभाग से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जीएसटी विभाग की राजस्व प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को हर माह राशन वितरण व्यवस्था का निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने सभी अधिशासी अधिकारियों को प्रतिमाह पांच स्पॉट निरीक्षण करने और नगर पालिका व नगर पंचायतों की ओर से संरक्षित किए गए गोवंश की मासिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा के दौरान करनैलगंज के पूर्ति निरीक्षक की लापरवाही सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। जिला पूर्ति अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया।
इसके अलावा अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि आईजीआरएस शिकायतों में डिफॉल्टर श्रेणी में आने वाले सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में एडीएम आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी रिंकी जायसवाल, एसडीएम जितेंद्र गौतम, नेहा मिश्रा, प्रदीप कुमार समेत तहसीलदार, नायब तहसीलदार और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जनशिकायतों का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।