गोंडा। परिवहन विभाग को सड़क हादसों को रोकने के लिए खास जिम्मेदारी दी गई है। शासन की ओर से लगातार इस बारे में जागरूकता के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। लेकिन यहां जिले में नशा करके वाहन चलाने वालों को पूरी छूट है। आप बेफिक्र होकर शराब पीकर फर्राटा भर सकते हैं। ये हम नहीं कहते हैं बल्कि परिवहन विभाग की कार्रवाई के आंकड़े बोल रहे हैं। परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों को इसके लिए ब्रेथ एनालाइजर मशीन दी गई थी। लेकिन जिले में इसका प्रयोग अफसर करने से कतरा रहे हैं।
नतीजा ये है कि बीते लगभग डेढ़ साल में इसका प्रयोग कर केवल एक बार ही चालान किया गया। बता दें कि साल 2018 के जुलाई में लगभग 50 हजार रुपये खर्च करके ब्रेथ एनालाइजर की खरीद पूना की एक फर्म से की गई थी। उस समय तत्कालीन एआरटीओ प्रशासन डॉ. सर्वेश गौतम प्रवर्तन का कार्य देखते थे। एक ब्रेथ एनालाइजर एआरटीओ और दूसरा पीटीओ को प्रदान किया गया था। दोनों अधिकारी चेकिंग करते थे, लेकिन इसका प्रयोग साल 2018 में ही एक बार हुआ था। उसके बाद किसी भी अधिकारी ने इसका प्रयोग नहीं किया।
क्या हो रहा लापरवाही से नुकसान
मौजूदा समय में प्रवर्तन कार्य के लिए एआरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार मौर्य और पीटीओ मथुरा प्रसाद की तैनाती है। दोनों लोगों के जिम्मे जिले में वाहनों की चेकिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना है। लेकिन ब्रेथ एनालाइजर का उपयोग न करने से ड्रंकेन ड्राइविंग करने वालों पर लगाम नहीं कस पा रही है। इससे रात में लगातार भयानक हादसे हो रहे हैं।
बोले जिम्मेदार अधिकारी
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन राजेश कुमार श्रीवास्तव ने इस बारे में बताया कि नशे में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई के लिए ब्रेथ एनालाइजर दिया गया था। लेकिन प्रवर्तन अफसरों पर कई तरह के अभियान की जिम्मेदारी है जिसके चलते इसका उपयोग नहीं हो पाता है। लेकिन बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए इसके प्रयोग को बढ़ाने के लिए निर्देश दिये जायेंगे।
कार्रवाई के आंकड़ों पर एक नजर
इस वर्ष नवंबर महीने तक की कार्रवाई
कुल चालान 3708
लक्ष्य 1800
ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट शून्य