गोंडा। जिले में डीजल-पेट्रोल की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को जिले में 26 पेट्रोल पंप बंद रहे। जबकि 187 पंपों पर दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। इससे आमजन के साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
भारत पेट्रोलियम के 10, इंडियन ऑयल के 10 तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 6 पेट्रोल पंपों पर आपूर्ति प्रभावित रही। शहर में जिलाधिकारी आवास के पास स्थित पेट्रोल पंप पर चार दिनों बाद आपूर्ति बहाल हुई तो वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भीड़ का आलम यह रहा कि किसान डिब्बे लेकर घंटों कतार में खड़े दिखाई दिए। पेट्रोल पंप संचालक ने डिजिटल भुगतान अस्थायी रूप से बंद कर दिया और क्यूआर कोड हटा दिया।
किसान धर्मराज ने बताया कि तेज धूप के कारण गन्ने की फसल सूख रही है, लेकिन डीजल न मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसान रामशंकर ने कहा कि एक दिन कतार में लगने के बाद केवल 500 रुपये का डीजल मिला, जो 10 बीघा की सिंचाई के लिए पर्याप्त नहीं है। ऐसे में उन्हें दोबारा कतार में लगना पड़ रहा है। शाम होते ही पंप बंद हो जाते हैं। डीएसओ कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पेट्रोल कंपनियों का निर्देश दिया गया है कि वह प्रतिदिन आपूर्ति दें।