गोंडा। जिले में एलपीजी सिलिंडर का संकट गहराता जा रहा है। महिलाओं से लेकर बुजुर्ग तक पूरे दिन गैस एजेंसियों पर लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। दो महीने पहले तक जहां प्रतिदिन छह से सात हजार सिलिंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 10,945 तक पहुंच गया है। जिन घरों में शादियां हैं, वहां कपड़े, गहने व बर्तन की खरीदारी छोड़ सिलिंडर के लिए मारामारी हो रही है।
अचानक बढ़ी मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जो उपभोक्ता पहले दो से तीन महीने में एक बार सिलिंडर रिफिल कराते थे। अब वे 25 से 45 दिनों के भीतर ही सिलिंडर बुक करा रहे हैं। संकट का असर खासतौर पर शादी-विवाह वाले परिवारों पर अधिक पड़ रहा है।
सम्मयदीन पुरवा निवासी धर्मराज ने बताया कि 26 अप्रैल को उनकी बेटी की शादी है, लेकिन आवेदन करने के बावजूद अभी तक सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो सका है। इससे चिंता बढ़ गई है। एक सिलिंडर के लिए करीब 4600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जिसमें 2400 रुपये सिक्योरिटी और लगभग 2200 रुपये कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमत शामिल है। घर के लोग गहने व बर्तन की खरीदारी छोड़ सिलिंडर के लिए दौड़भाग में लगे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि शादी-विवाह से जुड़े सभी आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर एजेंसियों को भेजा जा रहा है। सत्यापन के बाद ऐसे उपभोक्ताओं को कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।