गोंडा। नाम बदलकर युवती से शादी करने और धर्म परिवर्तन कराने के मामले में आरोपी का जमानत प्रार्थनापत्र जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दिया है।
शहर क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने एक अगस्त 2025 को नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें बताया कि साल 2017 में एक शॉपिंग मॉल के उद्घाटन के दौरान पश्चिम बंगाल में साउथ चौबीस परगना जिले के थाना बरुईपुर के बरुईपुर पटुषकुर निवासी आजम हसन शेख उर्फ बिलटू से मुलाकात हुई थी। उसने अपना नाम विनीत सिंह बताया और झांसा देकर दिसंबर 2017 में उसके साथ एक मंदिर में विवाह कर लिया। वह साथ रहने लगी तो उसे सच्चाई का पता चला। आजम हसन उसे जबरदस्ती अपने घर पश्चिम बंगाल ले गया तो उसके पिता अकबर अली, मां राशिदा व ननद मनुजा ने पीटा और एक मौलवी के यहां ले जाकर धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह कराया। सभी ने जबरन उसका गर्भपात भी करा दिया। वह किसी तरह भागकर मायके आई। वह लोग उसे फोन कर फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे हैं और रिश्तेदारों को भी फोन कर रहे हैं। पुलिस मामले में विवेचना कर रही है।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने अभियुक्त आजम हसन शेख का जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।