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UP News: मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी से IAS बनने तक, पढ़ें गोंडा की बिटिया की संघर्ष से लेकर सफलता तक की कहानी

Tue, 29 Apr 2025 11:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

अखबार में आईएएस अफसरों के प्रभाव और कार्यशैली की खबरें पढ़कर मुस्कान ने यूपीएससी की तैयारी करने की ठान ली। पहले प्रयास में आईपीएस में चयन हुआ लेकिन लक्ष्य था आईएएस बनना लिहाजा तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 36वीं रैंक हासिल कर बेटियों के लिए मिसाल बन गईं।
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 गोंडा के आवास विकास में आईएएस मुस्कान श्रीवास्तव का स्वागत करते भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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यूपी के गाेंडा की बिटिया मुस्कान श्रीवास्तव आईएएस अफसर बन गई हैं। उन्होंने अपने संघर्ष से लेकर सफलता तक की कहानी साझा की। बताया कि उनकी 12वीं तक की पढ़ाई शहर के एक निजी स्कूल से हुई। इसके बाद इलेक्ट्राॅनिक से बीटेक की पढ़ाई करके एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी शुरू कर दी। उन्होंने कभी यूपीएससी के बारे में सोचा ही नहीं था। वर्ष 2020 में कोरोना काल में कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम का आदेश दे दिया। काम कम होने के कारण समय मिलने पर अमर उजाला अखबार पढ़ने लगीं।
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अखबार में आईएएस अधिकारियों के प्रभाव और कार्यशैली की खबरें पढ़ीं तो सोचा कि मैं भी यदि आईएएस अफसर बन जाऊं तो देश व समाज के लिए कुछ कर सकती हूं। उसी समय यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करने का मन बना लिया। अखबार, पत्रिकाओं व यू-ट्यूब पर देखकर तैयारी शुरू कर दी, लेकिन यूपीएससी की कठिन परीक्षा के लिए चार-पांच घंटे की तैयारी नाकाफी साबित हो रही थी। महसूस हुआ कि राह आसान नहीं है।

तैयारी के लिए छोड़ दी मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी

मुस्कान ने बताया कि वह बचपन से ही जिद्दी हैं। आईएएस अफसर बनने के लिए उन्होंने मल्टीनेशनल कंपनी में बड़े पैकेज की नौकरी छोड़ दी। रिश्तेदारों व दोस्तों ने समझाया कि यूपीएससी आसान नहीं है। इसके लिए कॅरिअर न बर्बाद करो, लेकिन पिता डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने हौसला बढ़ाते हुए कहा कि पूरे मनोयोग से तैयारी करो। यदि सफलता नहीं मिली तो प्राइवेट नौकरी फिर से मिल जाएगी।
 

मुस्कान ने बताया कि यूपीएससी के पहले ही प्रयास में आईपीएस में चयन हुआ, लेकिन लक्ष्य तो आईएएस बनना था। ऐसे में आईपीएस की ट्रेनिंग से छुट्टी लेकर घर आकर तैयारी जारी रखी। रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई की और वर्ष 2024 की यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया में 36वीं रैंक हासिल कर लक्ष्य हासिल कर लिया।

महंगी किताबें और बड़े कोचिंग संस्थान जरूरी नहीं

मुस्कान ने कहा, आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं भी मेहनत की बदौलत आईएएस अफसर बन सकते हैं। सफलता के लिए महंगी किताबें व बड़े कोचिंग संस्थान जरूरी नहीं हैं। पूरी निष्ठा से तैयारी करने वाला छात्र-छात्राएं अधिकांश पाठ्य सामग्री मुफ्त में ही ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। पुरानी किताबें भी मिल जाती हैं। कई सफल मेधावी अपनी किताबें दान कर देते हैं। हम भी अपनी किताबें किसी जरूरतमंद को दान करेंगे।
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छात्र-छात्राओं को टिप्स

मुस्कान ने कहा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी अखबार का संपादकीय, रक्षा समाचार, अर्थव्यवस्था, संवैधानिक संशोधन, पर्यावरण व सरकारी विधेयक से संबंधित खबरें नियमित रूप से अवश्य पढ़ें।

बधाई देने वालों का लगा रहा तांता

आवास विकास कॉलोनी स्थित मुस्कान के आवास पर सोमवार को भी बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप, विवेकमणि श्रीवास्तव, अजय पाठक, सपा नेता सूरज सिंह, शशांक श्रीवास्तव सहित कई लोगों ने मुस्कान को बधाई दी।
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