उमरी बेगमगंज (गोंडा)। थाना क्षेत्र के परास पट्टी मझवार गांव में सपा नेता विजय कुमार सिंह उर्फ टिंटू सिंह के भतीजे की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने बेरहमी से कत्ल के साथ ही युवक की एक आंख भी फोड़ दी और शव सरयू नदी में फेंक दिया। इस घटना को अप्रैल में इसी गांव में हुए दोहरे हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है। मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के परास पट्टी मझवार गांव के निवासी 18 वर्षीय राजवीर सिंह उर्फ राजू पुत्र उमेश सिंह बीते 30 अगस्त की शाम धान की फसल की रखवाली करने घर से गया था। इसके बाद वह वापस लौटकर नहीं आया। उसकी लाश घाघरा नदी में उतराती मिली। मृतक के भाई रणधीर सिंह का कहना है कि प्रतिदिन वह धान की फसल की रखवाली के लिए जाता था। रणधीर ने बताया कि राजवीर की गला दबाकर हत्या की गई है। उसकी एक आंख भी फोड़ दी गई।
बताया जा रहा है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने पेशबंदी में अपनी पुत्री को भगा ले जाने का आरोप लगाकर सोमवार शाम ही राजवीर सिंह के खिलाफ थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थानाध्यक्ष रतन पांडेय ने बताया कि राजवीर सिंह की हत्या के मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
फिर सामने आई पुलिस की लापरवाही
परास मझवार गांव में राजवीर सिंह उर्फ राजू की हत्या कर सरयू नदी में शव फेंकने के मामले में एक बार फिर उमरी बेगमगंज पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट सोमवार शाम को ही लिखी है लेकिन सूत्रों के अनुसार लड़की के पिता अवध किशोर तिवारी ने यह जानकारी रविवार को ही पुलिस को दी थी। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस रविवार को ही गांव जाकर इस संबंध में छानबीन करती तो हो सकता है राजू की जान बच जाती।
कहां थमेगा हत्या का सिलसिला
सोमवार देर शाम राजवीर सिंह उर्फ राजू की हत्या के मामले ने एक बार फिर से गांव में पांच महीने पुराने हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। बीते अप्रैल महीने में सपा नेता विजय कुमार सिंह उर्फ टिंटू सिंह के बड़े भाई लाठी सिंह सहित दो लोगों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। अब एक बार फिर से गांव का माहौल अशांत हो चला है। घटना से लोगों में दहशत का माहौल है।