तरबगंज तहसील के अमदही गांव स्थित धनईगंज बंधे में अतिक्रमण के नाम पर बिना नक्शे और बिना पैमाइश के ही दर्जनों मकानों और दुकानों के साथ ही झुग्गी झोपड़ियों को शनिवार को ढहा दिया गया। अचानक ही पुलिस बल के साथ पहुंची सिंचाई विभाग की टीम यह कार्रवाई की है। वहीं प्रशासन भी इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं। सिंचाई विभाग की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।
बताया जा रहा है कि अमदही गांव की निवासी नीतू यादव ने उच्च न्यायालय में अपने भूमि के सामने अतिक्रमण की शिकायत की थी। जिस पर विभाग से यथा स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई थी। इस पर रिपोर्ट देने के बजाय सिंचाई विभाग और प्रशासन की टीम ने शनिवार को गरीबों और निचले तबके के लोगों की दुकानों व मकानों पर बुलडोजर चलावा दिया। इस कार्रवाई से लगभग दो दर्जन से अधिक लोग बेरोजगार हो गये हैं।
जबकि तहसील प्रशासन की मानें तो इस गांव का राजस्व नक्शा 40 साल से गायब है। तहसीलदार तरबगंज नरसिंह नारायण वर्मा ने बताया कि ये कार्रवाई सिंचाई विभाग की ओर से की गई है। कार्रवाई के दौरान उमरीबेगमगंज और तरबगंज थाने की पुलिस को लगाया गया था।
करनैलगंज के धौरहरा से तरबगंज के दुर्जनपुर पीडी बंधे पर धनईगंज बाजार में सिंचाई विभाग अपने बंधे की सीमा में अतिक्रमण का दावा कर रहा है। अमदही गांव की नीतू यादव ने कुछ दिन पूर्व अपने भूमि के आगे अतिक्रमण की शिकायत की थी। जिस पर प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई थी। लेकिन रिपोर्ट देने के बजाय लोगों के मकानों पर बुलडोजर चलाया गया।
नादिर, रामतेज यादव, ताज मोहम्मद, हरकेश यादव, रामानंद यादव, शीतल गुप्ता, बसीर, राधे, रामसिंह पासी, बरकत अली, रमजान, नत्थू चौधरी, रामकिशुन कोरी, तेजई, रविनंदन पाण्डेय, करिया पासी, शेष दत्त पाण्डेय, फूलचंद सिंह आदि सहित कईयों की दुकानें तोड़ी गई।
तरबगंज तहसील के अमदही गांव में धनईगंज बाजार स्थित है। शनिवार को हुई कार्रवाई के बाद अमदही गांव का नक्शा गायब होने का मामला गरमा गया। लोगों ने कहा कि बंध पर अवैध अतिक्रमण की कार्रवाई किस आधार पर की गई है। साल 1980 से इस गांव का राजस्व नक्शा ही गायब है। कई बार राजस्व विभाग की ओर से गांव में विवाद होने पर तहसील प्रशासन की ओर से ये ही रिपोर्ट दी जाती रही है।
बाढ़ खंड गोंडा के अवर अभियंता रामकरन ने बताया कि अमदही गांव की नीतू यादव की ओर से हाईकोर्ट में दी गई याचिका के बाद कार्रवाई हुई है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग ने अपनी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों तरफ 15-15 मीटर के अपने क्षेत्र को कब्जा मुक्त कराया गया है।
बेलसर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि व बसपा नेता पप्पू सिंह परास ने सिंचाई विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि बिना नक्शे के ही लोगों की दुकानें ढहा दी गई हैं। कहा कि बंधे से सटे ही कई लोगों के खाते भी हैं। ऐसे में पीड़ितों को प्रशासन की ओर से मुआवजा भी मिलना चाहिए।