गोंडा। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम प्रियंका निरंजन ने सख्त रुख अपनाया है। आईजीआरएस (एकीकृत जन शिकायत निवारण प्रणाली) में 66वीं रैंकिंग आने के बाद डीएम ने 78 अफसरों का जनवरी माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। इसमें जिला विकास अधिकारी सुशील श्रीवास्तव, जेल अधीक्षक मृत्युंजय पांडेय, डीआईओएस डॉ. रामचंद्र, डीपीआरओ लालजी दूबे, सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल, बीएसए अमित सिंह प्रमुख रूप से शामिल हैं।
वहीं, कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने सभी विभागों की आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। डीएम ने शिकायतों के निस्तारण की प्रगति, निर्धारित समयसीमा का पालन तथा शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक का गहन अवलोकन किया।
इस दौरान जिन विभागों द्वारा शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं किया गया अथवा जिन मामलों में आवेदकों ने असंतोषजनक फीडबैक दिया, उन अधिकारियों पर डीएम ने नाराजगी जताई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकिता जैन, मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश सहित अन्य मौजूद रहे।
757 ग्राम पंचायतों के सचिव से मांंगा जवाब
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि पंचायत भवन में जन्म, निवास आदि प्रमाणपत्र जारी न करने वाली ग्राम पंचायतों की समीक्षा की गई। इसके आधार पर 757 ग्राम पंचायतोें के सचिवों से प्रमाणपत्र जारी न करने का कारण पूछा गया है। वहीं, पंचायतों से भुगतान न करने के मामले में 23 ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है।