नवाबगंज/धानेपुर/पसका (गोंडा)। जिले में रसोई गैस की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कहीं गैस एजेंसी पर ताला लटका मिला तो कहीं घंटों इंतजार के बाद सिलिंडर मिल पाया। हालात को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को प्रशासन ने 152 लेखपालों की ड्यूटी लगाकर विभिन्न गैस एजेंसियों पर निगरानी में सिलिंडरों का वितरण कराया, लेकिन इसके बावजूद लोगों की परेशानी कम नहीं हुई।
नवाबगंज कस्बे की एक गैस एजेंसी पर शनिवार तड़के से ही सैकड़ों उपभोक्ता सिलिंडर लेने के लिए लाइन में लग गए थे। सुबह करीब नौ बजे गैस वितरण शुरू हुआ। मौके पर मौजूद लेखपाल दुर्गेश यादव व नूर मोहम्मद ने बताया कि चार दिन बाद एजेंसी पर 360 सिलिंडरों की खेप पहुंची थी, जिसे उपभोक्ताओं में वितरित किया गया।
दूसरी एजेंसी पर शनिवार को गैस की सप्लाई नहीं पहुंची। एजेंसी की ओर से पहले ही सूचना दी गई थी कि गैस न आने पर केवल केवाईसी व अन्य कार्यालय से जुड़े काम होंगे, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। एजेंसी पर ताला लटका देखकर उपभोक्ताओं में नाराजगी फैल गई। उपभोक्ता रमेश, प्रवीण कुमार आदि ने आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलिंडर 1600 रुपये तक में बेचे जा रहे हैं और बिचौलियों की मिलीभगत से कालाबाजारी हो रही है।
धानेपुर की एक गैस एजेंसी पर तीसरे दिन गैस की खेप पहुंचने पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह चार बजे से लाइन में लगे लोगों को दोपहर तक सिलिंडर नहीं मिल पाया। पसका क्षेत्र के एक एजेंसी पर भी उपभोक्ताओं की लंबी कतार लगी रही। एजेंसी संचालकों का कहना है कि सीमित सप्लाई आने से दिक्कत हो रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जिले की सभी एजेंसियों पर 152 लेखपालों की ड्यूटी लगाई है, ताकि वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके।
पढ़ाई छोड़ सिलिंडर की लाइन में लगे गुरुजी
गैस संकट का असर स्कूलों की पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है। धानेपुर क्षेत्र में गैस लेने के लिए कई शिक्षक खुद लाइन में लगे दिखाई दिए। परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील बनाने के लिए गैस न होने से शिक्षकों को खुद एजेंसी पहुंचना पड़ा। एक प्रधानाध्यापक ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन अभी तक सिलिंडर नहीं मिला। स्कूल में बच्चों का भोजन बनना है, इसलिए मजबूरी में पढ़ाई छोड़कर यहां आना पड़ा। करीब तीन घंटे तक शिक्षकों को लाइन लगानी पड़ी। एजेंसी संचालक मंशाराम वर्मा ने बताया कि 500 सिलिंडरों की खेप का वितरण किया जा रहा है।
स्कूलों व अस्पतालों को मिलेगी राहत
शासन के निर्देश पर शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को व्यासायिक सिलिंडर उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए संबंधित संस्थानों को अपने पैड पर प्रार्थना पत्र देकर गैस वितरक के माध्यम से कंपनी को अनुमति के लिए मेल भेजना होगा। स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
चेतन शर्मा, सेल्स मैनेजर बीपीसीएल