गोंडा। विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का बड़ा महत्व है। एक अनुशासित विद्यार्थी ही राष्ट्र का अच्छा नागरिक बन सकता है। इसलिए स्कूलों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार और राष्ट्र प्रेम का भाव भी पैदा करें।
यह बात नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने रविवार को इंद्रा इंटरनेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को शुरुआत से ही अनुशासन का पाठ पढ़ाएं।
विद्यालयों में अनुशासनहीनता की वजह से जो स्थिति पैदा हुई है, वह सबके सामने है। हमें सामूहिक प्रयास से शिक्षा के स्तर को ऊंचाई पर ले जाना होगा, तभी एक उन्नत राष्ट्र का निर्माण संभव है। इससे पूर्व अतिथियों के दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुर्ष्पाचन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
विद्यालय की प्रधानाचार्य एच. मोलाय ने स्वच्छ पर्यावरण का संदेश देते हुए पौध भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया। प्रबंधक मनोज त्रिपाठी ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चार वर्ष पूर्व निजी संसाधनों से 105 बच्चों के साथ शुरू होने वाला अंग्रेजी माध्यम का यह विद्यालय आज गैर हिन्दी भाषी राज्यों के उत्कृष्ट शिक्षकों के बदौलत मंडल मुख्यालय के प्रमुख विद्यालयों में शामिल हो गया है।
धनश्री आदि बच्चों के समूह ने मनमोहक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। अतुल सिंह ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। एलकेजी की छात्रा पीहू श्रीवास्तव ने एकल नृत्य प्रस्तुत किया। आदित्य पाण्डेय ने कोरोना विषाणु पर अपनी बात रखी। सुप्रिया एवं समूह के बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत किया।
अतिथियों द्वारा विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं मेडल प्रदान किया गया। प्रियांशु पांडेय को उसकी उपलब्धि से प्रसन्न होकर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ शेर बहादुर सिंह व प्रथमा यूपी बैंक के प्रबंधक सुधीर शुक्ला ने 500-500 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर छात्र छात्राओं को मेडल और प्रमाण पत्र वितरित किया गया।