नींद, ब्लड प्रेशर व अन्य बीमारियों की 250 गोलियां खाकर जान देने वाले बजाज चीनी मिल के फिटर गजेंद्र कुमार सिंह (38) पत्नी रूबी का पुलिस अधीक्षक के नाम का एक पत्र सामने आया है। इसमें रूबी ने मिल के अधिकारियों के साथ ही मोतीगंज पुलिस की करतूत बयां की है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए पत्र के अनुसार, फिटर गजेंद्र जान देने से एक दिन पहले 28 नवंबर को सुबह छह बजे बजाज चीनी मिल में ड्यूटी के लिए पहुंचे थे। उन्हें मिल गेट पर रोक लिया गया। इसके बाद तेल छिड़ककर मारने की कोशिश की गई। मिल गेट से ही गजेंद्र ने पत्नी रूबी को फोन कर जानकारी दी थी। घटना से सहमे गजेंद्र ने पत्नी से तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए कहा था। अनहोनी की आशंका से घबराई पत्नी रूबी ने 112 नंबर पर कॉल की। पुलिस मौके पर पहुंची मगर कोई कार्रवाई के बजाय गजेंद्र को ही पकड़कर थाने ले गई। मोतीगंज थाने में सुनवाई के बजाय गजेंद्र को हवालात में डाल दिया गया। पुलिस शांतिभंग की एकतरफा कार्रवाई में लगी रही। इस दौरान पत्नी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई थी। मगर अधिकारियों ने प्रभारी निरीक्षक को ही कार्रवाई के लिए निर्देश देकर रूबी को लौटा दिया। सीओ शिल्पा वर्मा ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है।
वहीं, फिटर गजेंद्र की मौत के बाद अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेते हुए श्रम विभाग आगे आया है। मिल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। देवीपाटन मंडल के श्रम उपायुक्त अनुभव वर्मा ने बताया कि घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए एक सप्ताह में जबाव तलब किया है। मंगलवार तक मिल की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। ऐसे में कार्रवाई की जाएगी।