सपा, बसपा, भाजपा व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की इस चुनाव में भारी दुर्गति हुई है। जनता ने ज्यादातर नये चेहरों को तरजीह दी है। चुनाव में मुंह की खाने के बाद नेताओं के होश उड़ गए हैं।
विदित हो कि डीडीसी का चुनाव लड़ रहे जंतु उद्यान राज्य मंत्री के परिवारीजनों की उनके ही विधानसभा क्षेत्र में भारी दुर्गति हुई है। पत्नी मिथलेश यादव, बेटा राकेश यादव, बहू जयप्रिया यादव को कभी उनके ही खेमे में रहने वाले डॉ. अनुराग यादव की मां शांति देवी, बाप साधूराम व भाई संतोष यादव ने करारी शिकस्त दी है।
सदर ब्लॉक के कोयलरा डीडीसी वार्ड से चुनाव लड़ रही जंतु उद्यान राज्य मंत्री की नजदीकी रिश्तेदार कांती यादव भी चुनाव हार गई हैं। यही हाल सदर विधायक जगराम पासवान के भाई अन्नू पासवान का पिपरी कोल्हुई डीडीसी वार्ड से हुआ है। अन्नू पासवान यहां सातवें स्थान पर रहे। रामपुर बनघुसरा डीडीसी वार्ड से चुनाव लड़ रही सदर विधायक के भाई की पत्नी माधुरी पासवान भी चुनाव हार गई हैं।
यही नहीं जिले के कद्दावर भाजपा नेता व पूर्व विधायक धीरू सिंह के भतीजे विशाल सिंह भी कैलाशगढ़ डीडीसी वार्ड से चुनाव हार गए हैं। गैसड़ी के पूर्व विधायक बिंदूलाल के पुत्र राजेश कुमार उर्फ मंगू को भी गौरा बगनहा डीडीसी वार्ड से मुंह की खानी पड़ी है।
सपा जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल भी शिवपुरा डीडीसी वार्ड से चुनाव हार गए हैं। पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष राजाराम गौतम भी डीडीसी पद का चुनाव नहीं जीत सके। निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख गैसड़ी फसीउद्दीन खां उर्फ लोहा सिंह बीडीसी पद का चुनाव नहीं जीत पाए।
पंचायत चुनाव जीत का परचम केवल उतरौला सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी के भाई मारुफ अनवर हाशमी ने सादुल्लाहनगर डीडीसी वार्ड से लहराया है। पंचायत चुनाव में सपा, भाजपा व बसपा समर्थित प्रत्याशियों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाई है।