जयप्रभाग्राम/गोंडा। गोंडा और बलरामपुर में शुक्रवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह 07:32 बजे रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई। भूकंप का केंद्र इटियाथोक क्षेत्र के इटहिया नवीजोत गांव के आसपास 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी प्रकार की जनहानि या धनहानि की सूचना नहीं मिली है। जिला प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
भूकंप की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इटहिया नवीजोत, महादेव कला, रामनगर जिन्ना तथा जयप्रभा ग्राम के आसपास के क्षेत्रों में स्थलीय जांच-पड़ताल की। सर्वे के दौरान कहीं भी संपत्ति क्षति या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई। लेखपाल दानिश खान, महादेव कला के योगेंद्र वर्मा तथा रामनगर जिन्ना के अजय कुमार चौरसिया ने क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के झटके मामूली थे, इसलिए अधिकांश लोगों को इसका स्पष्ट एहसास नहीं हो सका। आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी नुकसान की सूचना नहीं है। फिर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संबंधित विभागों से लगातार जानकारी ली जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सावधानी बरतने की अपील की।
डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि भूकंप से किसी भी प्रकार की जन व धनहानि नहीं हुई है। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा टीमों को मौके पर भेजकर स्थलीय सत्यापन कराया गया है।
जोन-4 में आता है देवीपाटन मंडल
देवीपाटन मंडल भूकंपीय दृष्टि से जोन-4 में आता है, जो संवेदनशील श्रेणी मानी जाती है। नेपाल सीमा से सटा होने के कारण इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों का खतरा बना रहता है। बलरामपुर के आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह के अनुसार जोन-4 में शामिल जिलों में भवन निर्माण में भूकंप प्रतिरोधी तकनीक का उपयोग आवश्यक है। 26 अप्रैल 2015 को इस क्षेत्र में सबसे तीव्र भूकंप आया था, जिसके बाद कई बार हल्के झटके महसूस किए गए, पर किसी बड़ी क्षति की घटना नहीं हुई।
भूकंप आए तो ये सावधानी बरतें
सुरक्षित स्थान पर जाएं
मजबूत टेबल के नीचे या खुली जगह पर शरण लें।
सिर को बचाएं। बैठकर सिर को हाथों से ढंक लें।
शांत रहें। घबराएं नहीं, निर्देशों का पालन करें।
ये न करें
घबराएं नहीं। जल्दबाजी में गलत कदम न उठाएं।
लिफ्ट का प्रयोग न करें। केवल सीढ़ियों का उपयोग करें।
खिड़की-दरवाजे से दूर रहें। कांच टूटने का खतरा रहता है।