सपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता करते पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह व अन्य। स्रोत: संगठन
गोंडा। लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटाने के लिए भरवाए जा रहे फॉर्म-7 को लेकर समाजवादी पार्टी ने विरोध जताया है। सपाइयों ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल के दबाव में बीएलओ द्वारा फर्जी तरीके से मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
शुक्रवार को दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि पर सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन की अगुवाई में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे, पूर्व विधायक नंदिता शुक्ला, गोंडा सदर से प्रत्याशी रहे सूरज सिंह और संजय विद्यार्थी ने पुनरीक्षण प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेता बीएलओ पर दबाव बनाकर सपा समर्थक मतदाताओं के नाम कटवा रहे हैं। कई जीवित मतदाताओं को मृतक या स्थानांतरित दिखाकर उनके फर्जी हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर खिलवाड़ बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की। सपाइयों ने दावा किया कि तरबगंज में 5,344, सदर में 14,740 तथा अन्य विधानसभाओं में भी बड़ी संख्या में सपा के कोर वोटरों के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। प्रेसवार्ता के बाद पार्टी नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा गलत तरीके से काटे गए नामों को बहाल करने की मांग की। इस अवसर पर समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरफराज हुसैन उर्फ सोनू, जिला महासचिव राजेश यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।