गोंडा। स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी पोलरिस की लापरवाही से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर एक उपभोक्ता के नाम का मीटर दूसरे के घर लगा दिया गया है, जिससे गलत बिजली बिल जनरेट हो रहे हैं और बिल भी नहीं भरे जा रहे हैं। वहीं हजारों नए कनेक्शनों पर अब तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जा सके हैं।
मंगलवार को देवीपाटन मंडल मुख्यालय स्थित प्रबंध निदेशक कैंप कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में यह मामला उठा। अधिकारियों ने बताया कि देवीपाटन जोन में 3,580 नए बिजली कनेक्शन जारी होने के बावजूद स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 1,503 मामले गोंडा जिले के हैं।
जोन कार्यालय की कर्मचारी रेखा थापा ने बताया कि गलत मीटर इंस्टॉलेशन के कारण उपभोक्ता लगातार शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। कई लोगों के बिल दूसरे उपभोक्ताओं के नाम पर जारी हो रहे हैं। शिकायतों के बावजूद एजेंसी समय पर समाधान नहीं कर रही।
समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में 78 टीमें प्रतिदिन करीब 250 मीटर लगा रही हैं, जिसे अधिकारियों ने अपर्याप्त बताया। देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने एजेंसी को सात दिन में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। सख्ती के बाद एजेंसी ने गोंडा, नवाबगंज, करनैलगंज और मनकापुर में अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। मनकापुर क्षेत्र में 30 नई टीमों को लगाया गया है।