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कृषि उत्पादक संगठनों को सक्रिय करें

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फोटो-6 गोंडा के कलेक्ट्रेट में किसान उत्पादक संगठनों के साथ बैठक करते जिलाधिकारी डॉ.उज्ज्वल कुमा? - फोटो : GONDA
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गोंडा। किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए जिले के कृषि उत्पादक संगठनों को सक्रिय किया जाए। किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सके। ये बातें बुधवार को जिलाधिकारी ने किसान उत्पादक संगठनों के साथ बैठक में कही।
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डीएम ने कहा कि एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन एक ऐसी योजना है जिसके अंतर्गत ऐसे किसानों का एक समूह बनाया जाता है, जो कृषि उत्पादक कार्यों में लगे होते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम किसान एफपीओ योजना के अंतर्गत ऐसे संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा जो कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर रोजगार सृजन के साथ आर्थिक उन्नयन का काम करेंगेे। जिलाधिकारी ने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि वे जनपद स्तर पर किसान उत्पादक संगठनों को नई-नई तकनीकों की जानकारी दें। बैठक में परसपुर ब्लाक के एफपीओ संचालक रविशंकर सिंह ने बताया कि वे वर्तमान में शहद व दाल उत्पादन का कार्य कर रहे हैं, लेकिन जिले स्तर पर प्रोसेसिंग की व्यवस्था न होने से दिक्कत होती है।
डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि वे इसके लिए तत्काल प्रयास करें, तथा अनुमन्य योजना के तहत एफपीओ को प्रोसेसिंग सुविधा दिलाएं। जिससे जनपद स्तर पर किसान को बाजार मिल सके। बेलसर बड़सड़ा के एफपीओ किसान रितेश सिंह ने बताया कि एफपीओ के माध्यम से बर्मी कंपोस्ट का काम बड़े पैमाने पर कुशलता पूर्वक कर रहे हैं, जिससे संगठन को साल में अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है।
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जिलाधिकारी ने डीडी कृषि को निर्देश दिए कि एफपीओ को मत्स्य पालन से जोड़ें तथा एफपीओ का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करें। बैठक में सीडीओ शशांक त्रिपाठी, डीडी कृषि शैलेंद्र शाही, डीएफओ आरके त्रिपाठी, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, डीडीओ दिनकर विद्यार्थी, जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह, एलडीएम अभिषेक रघुवंशी, डीपीआरओ रोहित भारती, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी रवींद्र सिंह राठौर आदि रहे।
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