फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1.60 लाख लोगों को शुद्घ पेयजल का इंतजार, नहीं पूरी हुई 3.97 करोड़ की योजना

विज्ञापन
विज्ञापन
गोंडा। नगर पालिका क्षेत्र के 27 वार्डों की 1.60 लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मिलने का सपना एक साल बाद भी अधूरा है। क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने के लिए अमृत योजना के तहत साल भर पहले शहर में 3.97 करोड़ रुपये की लागत से पाइप्ड लाइन डालने की परियोजना को शुरू किया गया था। साल भर बीत जाने के बाद भी पाइप्ड लाइन बिछाने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इससे शुद्ध पेयजल पाने का इंतजार और लंबा होता जा रहा है।
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद ने दो साल पहले शहर में 60 साल पहले डाली गई पाइप्डलाइन को डैमेज बताकर शहर में नयी पेयजल लाइन बिछाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन ने शहर में अमृत योजना से शहर के 1.60 लाख की आबादी वाले क्षेत्र में शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने के लिए 3.97 लाख रुपये से पाइप्ड लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी दी थी। जुलाई 2021 में शहर में पाइप्डलाइन बिछाने का काम कार्यदायी संस्था जलनिगम गोंडा शाखा को सौंपा गया था। जलनिगम ने टेंडर कराने के बाद पाइप्ड लाइन बिछाने का काम भी शुरू करा दिया। मगर एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक पेयजल लाइन बिछाने का कार्य पूरा न हो पाने से शहरवासियों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या नहीं हो सका है। नगर पालिका के चार वार्डों में 25 साल पहले पाइप्डलाइन व्यवस्था डैमेज हो जाने के बाद जलापूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी। उस दौरान नगर पालिका परिषद ने चार वार्डों में प्लास्टिक पाइप लाइन बिछाकर एक सप्ताह बाद पानी की आपूर्ति को सामान्य बनाने का कार्य किया था।
शहर की 60 साल पुरानी पेयजल लाइन डैमेज
नगर पालिका परिषद ने शहरी क्षेत्र के लोगों को पानी मुहैय्या कराने के लिए 60 साल पहले पूरे शहर में कास्टआयरन की पाइप्ड लाइन बिछाई थी। इससे शहर के 25 वार्डों में पानी की आपूर्ति की जाती थी। समय के साथ शहर की आबादी के साथ बढ़ी वार्डों की संख्या के बाद शुद्ध पेयजल आपूर्ति मुहैया कराने को पुरानी पेयजल लाइन को हटाकर नयी पाइप्ड लाइन बिछाने के कार्य को बीत साल मंजूरी मिली थी।
विज्ञापन

छह स्थानों पर टूटी पुरानी पाइप्डलाइन
शहर के स्टेशन रोड से लेकर अंबेडकर चौराहा के बीच छह स्थानों पर नगर पालिका की पूरी पाइप्डलाइन टूटी पड़ी है। इससे सड़क पर पानी बहता रहता है। पाइप्डलाइन टूटने से सप्लाई के दौरान भी पानी के साथ मिट्टी व कीचड़युक्त पानी लोगों के घरों तक पहुंचने की शिकायत भी लगातार बनी रहती है। सड़क पर पानी के रिसाव से जगह-जगह गड्ढा हो जाने के कारण लोग हादसे का शिकार भी हो रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद भी पालिका प्रशासन के जिम्मेदार पाइप्ड लाइन के इन रिसाव को बंद कराने के प्रति उदासीन बने हैं।
गोंडा शहर में नगर पालिका क्षेत्र के 1.60 लाख की आबादी वाले लोगों को अमृत योजना से शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने के लिए एक साल पहले 3.97 करोड़ की लागत से नई पाइप्ड लाइन डालने की योजना को मंजूरी मिली थी। इससे शहर में पाइप्ड लाइन बिछाने का काम शुरू हुुआ था। अभी काम पूरा नहीं हो सका है। संबंधित ठेकेदारों को बचा हुआ कार्य जल्दी पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता जलनिगम
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें