गोंडा। वजीरगंज के करनीपुर निवासी मीरा तिवारी ने घर पर ही स्वरोजगार की शुरुआत की, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन की प्रतीक बन गई। औषधीय गुणों से भरपूर जामुन से सिरका तैयार कर मीरा हर साल करीब तीन लाख रुपये की कमाई कर रही हैं।
मीरा ने बताया कि उनके पति दिनेश तिवारी खेती का काम करते हैं। कोरोना संक्रमण के बाद उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा था। परिवार के आर्थिक सहयोग के लिए नौकरी खोजना शुरू किया। ज्यादा पढ़ी-लिखी न होने के कारण कोई नौकरी नहीं मिली। वर्ष 2021 में गुलाब महिला स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वरोजगार की शुरुआत की। जामुन का सिरका बनाकर बिक्री शुरू की। अब गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, अयोध्या व लखनऊ में उनके समूह का बनाया हुआ जामुन का सिरका बिकता है। उनका बनाया हुआ सिरका अमेजन पर भी उपलब्ध है।
इस प्रकार तैयार किया जाता सिरका
-मीरा ने बताया कि सिरका बनाने में ज्यादा खर्च नहीं आता। सबसे पहले पके हुए जामुन को अच्छे से धोकर उसका रस निकाला जाता है। फिर उसे एक खास तरीके से कुछ दिनों तक स्टोर किया जाता है, जिससे उसमें प्राकृतिक रूप से फर्मेंटेशन (खमीरण) हो जाता है। इसके बाद तैयार सिरका बोतलों में भरकर पैक कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए यह पूरी तरह आर्गेनिक और सुरक्षित है। मीरा का दावा है कि जामुन का सिरका शुगर व मोटापा जैसी समस्याओं को दूर कर पाचन शक्ति को बढ़ाता है। मीरा ने बताया कि उनका एक लीटर का सिरका 220 रुपये में बिकता है। 150 रुपये की लागत आती है। बताया कि उनके साथ 10 महिलाएं जुड़कर कारोबार कर रही हैं।