करनैलगंज (गोंडा)। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस आज है। मौजूदा समय में परिवारों में बिखराव, आपसी कटुता, विवादों के बीच दो पीढ़ियां भी एक साथ रहने को राजी नहीं हैं। दो पीढ़ियों से अधिक एक साथ संयुक्त परिवार का मिलना बेहद मुश्किल हो रहा है। मगर करनैलगंज के नरायनपुर माझा अंगदपुरवा का एक परिवार दूसरों के लिए मिसाल बना है। यहां पांच पीढ़ियां एक साथ रह रही हैं। परिवार के 32 लोग हैं जो साथ-साथ रहते हैं।
ग्राम नारायनपुर मांझा के मजरा अंगद पुरवा के रहने वाले हरिप्रसाद सिंह की मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी मायावती सिंह (90) हैं। वहीं हरिप्रसाद के भाई भूली सिंह व उनकी पत्नी की भी मृत्यु हो चुकी है। उनके पुत्र ओमप्रकाश सिंह (73), ओंकार सिंह (70), राधेश्याम सिंह (66), शेषनाथ सिंह (62) हैं। सभी एक परिवार में एक साथ रहते हैं। ओम प्रकाश सिंह के दो पुत्र गुड्डू व रिंकू सिंह हैं। ओंकार सिंह के दो पुत्र सत्यनारायण सिंह, रूप नारायण सिंह हैं। राधेश्याम सिंह के दो पुत्र सोनू सिंह, राकेश कुमार सिंह हैं। इनके बेटे मोनू सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
शेषनाथ सिंह के दो पुत्र संतोष सिंह व समरेंद्र सिंह हैं। अब इनके लड़कों में गुड्डू सिंह के दो पुत्र, रिंकू सिंह का एक बेटा है। सत्यनारायन सिंह के तीन बेटे हैं। रूपनारायण सिंह का एक बेटा है। सोनू सिंह के दो लड़के हैं, राकेश सिंह का एक बेटा है। संतोष सिंह का एक बेटा और समरेंद्र सिंह अविवाहित हैं। चौथी पीढ़ी में सत्यनारायण के दो पोते, रूप नारायण के दो पोते हैं। इसी तरह सोनू सिंह की तरफ एक बेटा है।
पांच पीढ़ियां एक साथ रहती हैं। मौजूदा समय में राधेश्याम सिंह की बहू सुमन ग्राम पिपरी की ग्राम प्रधान भी हैं। संयुक्त परिवार एक साथ रहते हुए जीवन व्यतीत करते हैं। ओम प्रकाश, ओंकार, राधेश्याम, शेषनाथ सिंह सभी अलग-अलग विभागों में नौकरी करते हुए सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। अब घर पर रहते हैं। मायावती का कहना है कि परिवार की मजबूती ही सबसे बड़ी ताकत होती है।