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सड़क के 21.60 करोड़ के बजट में भारी गोलमाल

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गोंडा के आवास विकास दितीय में पावर हाउस के सामने जर्जर सड़क। - फोटो : GONDA
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गोंडा। शहर में सड़कों के लिए 21.60 करोड़ का बजट तीन साल पहले जारी हुआ था। तीन सालों में बजट के खर्च में बड़े पैमाने पर गोलमाल का मामला सामने आया है। शहर की 19 सड़कों के निर्माण में खेल ऐसे हुआ कि अब उन सड़कों पर चलना दूभर है। यही नहीं हर सड़क के किनारों पर नाली भी बननी थी लेकिन पूरा बजट खर्च होने के बाद भी नालियां नहीं बन पाईं।
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बताया जा रहा है कि सड़क के किनारे नालियों के लिए बजट तो मिला लेकिन काम कराए बिना ही बजट खर्च कर लिया गया। इसमें पीडब्लूडी विभाग के जिम्मेदार आंखें मूंदे रहे और शहर की सड़कों को सुधारने की योजना सही ढंग से नही चल पाई। अब इस मामले की जांच हो रही है लेकिन मामले को दबाने में जिम्मेदार जुटे हैं।
त्वरित आर्थिक विकास योजना से वर्ष 2016 में बड़े स्तर पर बजट तय हुआ था। माह में 21 करोड़ 60 लाख 47 हजार रुपये के बजट में 17 मार्च 2016 को 4.32 करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ। इस पर कार्य शुरू ही हुआ था कि विस चुनाव आ गए और बाद में कार्य होते रहे। विभाग की के अनुसार कार्य पर तय बजट अब तक खर्च हो चुका है। 21.60 करोड़ रुपये के करीब खर्च हुए बजट से बनने वाली 19 सड़कों की दशा देखकर ही लगता है कि सड़कों का निर्माण कैसे हुआ।
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बताया कि बीते माह इन सड़कों की जांच शुरू हुई और बड़े पैमाने पर गोलमाल उजागर होने पर पीडब्लूडी के तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू हुई। अभी सभी सड़कों की जांच शुरू नहीं हो पाई है। माना जा रहा है कि मामला बड़े स्तर का होने के कारण जांच में भी ढिलाई हो रही है।
एक करोड़ से बननी थी सड़क, आधी ही बनी
शहर में एक करोड़ तीन लाख 25 हजार रुपये से एक सड़क का निर्माण होने के लिए बजट खर्च हो चुका है। इस बजट से आवास विकास द्वितीय में साइड पटरी व शांति काम्पलेक्स से डॉ. मनोज सिन्हा व अन्य गलियों में सीसीरोड का निर्माण नाली सहित होना था। नाली तो कहीं बनी ही नहीं और सड़क निर्माण भी समझ से परे है। डॉ. मनोज के घर से शांति काम्पलेक्स तक नपाप से इंटरलाकिंग करा दी गई। इसके बाद सड़क का निर्माण कहां हुआ कोई बताने को तैयार नहीं है।
सड़कों के निर्माण की जांच कराई जा रही है और गुणवत्ता के साथ ही निर्माण की स्थिति की छानबीन होगी। जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई तय की जाएगी। -शशिभूषण, मुख्य अभियंता पीडब्लूडी
सड़क मरम्मत में गोलमाल पर भड़के ग्रामीण
शासन की सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने की योजना में भी अधिकारी गोलमाल कर रहे हैं। प्राथमिकता में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव की सड़कों के सुधार के दावे फेल हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग से गत सप्ताह कौड़िया बाजार से बिछुड़ी तक जाने वाले स्वतंत्रता सेनानी मार्ग को गड्ढा मुक्त किए जाने का काम शुरू हुआ था लेकिन पैचिंग कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है, हालत यह है कि सड़क की चौड़ाई ही कम कर दी गई है।
जगह-जगह थोड़ा बहुत पट्टी लगाकर खेल किया जा रहा है। लोगों ने ऐसी स्थिति पर गुरुवार को नाराजगी जताई और सड़क को सही ढंग से गड्ढा मुक्त किए जाने की मांग की है। मनमानी न रुकने से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। गांव के प्रिंस गेडिया, प्रधान छैल बिहारी कौशल, गुड्डू, मनीषा द्विवेदी, अक्षय गुप्ता व शकील अहमद आदि ने प्रदर्शन कर सड़क मरम्मत में हो रही अनियमितता का विरोध किया।
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