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प्रधानों के आरक्षण में बड़े बदलाव तय, बदल जाएंगी 700 सीटें ं

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गोंडा में जिला पंचायत भवन। - फोटो : GONDA
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गोंडा। पंचायतों के आरक्षण में हाईकोर्ट के फैसले से गांवों में चुनावी माहौल बदल गया है। एक बार फिर बड़े बदलाव की आहट मिली है। इससे चुनाव की तैयारी में जुटे पंचायतों के धुरंधरों की सांसे अटक गईं हैं और आंखों में बेचैनी साफ दिख रही है।
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अभी तक पंचायतों का आरक्षण वर्ष 1995 से अब तक पांच चुनावों के रिकॉर्ड पर किए गए थे। इससे आरक्षण में बड़े फेरबदल हुए थे। अब फिर से आरक्षण तय होगा और वर्ष 2015 के आरक्षण को आधार माने जाने से मौजूदा स्थिति में बड़े बदलाव तय हैं। इससे करीब 700 ग्राम प्रधानों का आरक्षण बदल जाएगा।
जिले में 1214 पंचायतों के आरक्षण के साथ ही 1612 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 65 जिला पंचायत सदस्य और 15410 पंचायत सदस्यों का आरक्षण तय हुआ था। जिसमें सबसे अहम प्रधान पदों का आरक्षण है, इसमें 519 पंचायतें आरक्षित वर्ग के लिए हुईं थीं और 226 सीटें अनारक्षित महिलाओं के खाते में गईं थी।
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आरक्षण की संख्या तो यही नहीं रहेगी, लेकिन नए नियमों से जो सीटें आरक्षित हुईं हैं उनमें बड़े बदलाव होंगे। करीब 700 सीटों के आरक्षण में बदलाव तय है। ऐसे में गावों में फैसला आते ही माहौल भी बदल गया है।
उन लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ गईं हैं जिनकी पंचायतें पहली बार आरक्षित हो गईं थीं और उनका ख्वाब टूट गया था। अब एक बार फिर से उन्हें लग रहा है कि पंचायतें बच जाएंगी। वहीं कुछ में बेचैनी भी बढ़ गई है जिनके गांव बच गए थे। इसी तरह आरक्षित वर्ग के धुरंधरों की धड़कनें भी बढ़ती दिख रहीं हैं, पहली बार उन्हें भी मौका मिल रहा था।
इससे सीटों के बदलाव से कहीं उनका मौका न चला जाए। आरक्षण तय करने से जुड़े अधिकारी भी मानते हैं कि बदलाव तो बहुत बड़ा होगा। इससे कइयों को झटका लगेगा। 700 सीटों में बदलाव से जो बीते दिनों से जमीन तैयार कर रहे थे, उनके सामने संकट आ सकता है।
बीते तीन मार्च को आरक्षण सूची जारी कर दी गई थी। जिसमें जिले की 1214 पंचायतों में प्रधान पदों के 519 पंचायतों को आरक्षित किया गया था। इसमें महिलाओं के लिए 226 सीटें रिजर्व हुईं थीं और होंगी भी। 71 पंचायतों अनुसूचित वर्ग की महिलाओं के लिए और 127 पंचायतें अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित की गई थीं।
112 पंचायतों को अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए सीटें तय हैं। वहीं 209 पंचायतों को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गईं थीं। 226 पंचायतों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया था। सामान्य वर्ग के लिए 469 पंचायतें रहेंगी। इसके साथ ही जिला पंचायत के 65 पदों, सदस्य के 15410 पदों तथा क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 1612 पदों के आरक्षण का प्रस्ताव फिर तैयार होगा। आरक्षण की संख्या में बदलाव नही होगा।
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