दौड़ लगाती अनामिका मिश्रा व सम्मानित करते डीआईजी। स्रोत: वीडियोग्रैब
गोंडा। सुबह के छह बजे हैं। इटियाथोक के प्राथमिक विद्यालय भीखम पुरवा से सात साल की अनामिका मिश्रा के कदम आगे बढ़ते हैं। दाहिने हाथ में तिरंगा है और आंखों में चमक। मंजिल है शहर का गांधी पार्क और दूरी करीब 30 किलोमीटर। उम्र छोटी है लेकिन हौसला ऐसा कि मंजिल से पहले कदम थमे नहीं। करीब तीन घंटे 40 मिनट में अनामिका गांधी पार्क पहुंच गई। यहां बापू की प्रतिमा के सामने पहुंचकर वह नमन करती है और अपनी दौड़ पूरी करती है।
गांधी पार्क पहुंचते ही डीआईजी अशोक कुमार ने अनामिका का स्वागत किया। बीएसए अमित कुमार सिंह, बीईओ मुख्यालय समय प्रकाश पाठक, डॉ. ज्योत्स्ना शुक्ला समेत अन्य लोगों ने भी माला पहनाकर बच्ची का उत्साह बढ़ाया। अनामिका के चेहरे पर थकान कम और लक्ष्य पूरा होने की खुशी ज्यादा नजर आई। डीआईजी ने कहा कि इतनी कम उम्र में अनामिका की यह उपलब्धि उसके बड़े सपने की नींव है। उन्होंने अनामिका को छोटी इलेक्ट्रिक स्कूटी भेंट की। इस मौके पर प्रतिभा सिंह, संजय सिंह, प्रमोद मिश्र, राकेश यादव, दिलीप गुप्त, सुजीत, भास्कर मिश्र आदि मौजूद रहे।
ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतने का चाहत
- अनामिका ने कहा कि मैं बड़ी होकर ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं। उसने बताया कि बड़ी बहन से प्रेरणा लेकर वह एक साल से इसकी तैयारी कर रही थी। अनामिका इससे पहले आठ मिनट में 240 पुशअप्स लगाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुकी है।
पिता व विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज मिश्र ने बताया कि अनामिका पूरी दौड़ में तिरंगा हाथ में लिए आगे बढ़ती रही। यात्रा के दौरान प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद रही। उन्होंने कहा कि बेटी ने अपनी बड़ी बहन अंशिका के मेडल देखकर यह सपना देखा था। आज उसने 30 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर अपने संकल्प की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।
दौड़ लगाती अनामिका मिश्रा व सम्मानित करते डीआईजी। स्रोत: वीडियोग्रैब