नवाबगंज (गोंडा)। गांव में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग दहशत में हैं। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
थाना क्षेत्र के जफरापुर गांव के बाबा पुरवा के खेतों में शनिवार को ग्रामीणों द्वारा तेदुआ देखा गया। तेंदुआ दिखने से ग्रामीण भयभीत हो गए और अपने बच्चों तथा मवेशियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं। भयभीत ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जफरापुर गांव के बाबा पुरवा निवासी संतोष कुमार, अजय गुप्ता तथा जग्गी लाल नें बताया कि शनिवार की सायं करीब छह बजे गांव के बगल से खेतों से होकर गुजर रहे एक बड़ा जानवर को हम लोगों ने देखा। जिसके शरीर पर काली धारी थी। इसके अलावा और कई लोगों ने इसी जानवर को देखा।
गांव में तेंदुआ या बाघ आने की सूचना जंगल में आग की तरह फैल गई। इसके बाद गांव में भय व्याप्त हो गया। लोग अपने बच्चों और मवेशियों को लेकर सतर्क हो गए। ग्राम प्रधान ने गांव में तेंदुआ व बाघ आने की सूचना वन विभाग को दिया। रविवार की सुबह गांव में पहुंची वन विभाग की टीम ने खेतों व आस पास के क्षेत्रों में उसके पद चिन्हों की तलाश की, लेकिन खेतों में घास उगी होने के कारण वन विभाग को कोई पद चिंह दिखाई नहीं दिया। इसके बाद वन दरोगा अरुण तिवारी ने गांव वालों को बुला कर खेतों में हांका लगवाया लेकिन उस जीव का कोई पता नहीं चल पाया।
वन विभाग के हनुमंत प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि गांव वालों ने किसी जानवर को देखा तो जरूर है लेकिन जब तक उसका पदचिह्न नहीं मिलता है तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता है कि वह कौन सा जानवर है। ग्रामीणों के बताये गए हुलिया के अनुसार वह बाघ है, लेकिन बाघ यहां कहीं है नहीं। हो सकता है कि टिकरी के जंगल से तेंदुआ भटक कर यहां आ गया हो, फिसिंग कैट भी हो सकती है जिसे ग्रामीण तेंदुआ समझ रहे हों। फिलहाल करीब तीन घंटा सर्च ऑपरेशन के बाद वन विभाग की टीम गांव वालों को सतर्क रहने की हिदायत देकर वापस आ गई।