गोंडा। मनरेगा में श्रमिकों के नाम पर धांधली का अजब-गजब मामला समाने आया है। मुजेहना के पूरे सिधारी गांव में जिस महिला श्रमिक के नाम पर भुगतान निकाला गया है, वह कार्य के दौरान प्रसूता थी। महिला अस्पताल में भर्ती थी और फर्जी मास्टर रोल भरकर उसके नाम पर भुगतान निकाल लिया गया है। इस ब्लॉक में बीते दिनों का करोड़ों रुपये का भुगतान हुआ है। जिसकी सीडीओ के स्तर से जांच भी हो रही है, लेकिन श्रमिकों के नाम पर इस तरह का भुगतान होना चौंकाने वाला है। माना जा रहा है कि ब्लॉक के कर्मचारियों से सेटिंग करके फर्जी भुगतान का खेल लगातार हो रहा है और अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है। अब जांच में प्रशासन सख्त हुआ है तो कई लोगों की गर्दन फंसती दिख रही है।
मनरेगा में नियमों की अनदेखी करके हो रहे भुगतान से जिले के आला अफसर हैरान हैं। हाल ही में 21 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान मुजेहना ब्लॉक में मनरेगा की गाइडलाइन की अनदेखी करके हुआ है। जिसकी जांच भी शुरू हो गई है। वहीं पूरे सिघारी गांव में फर्जी भुगतान का मामला सामने आया है। मनरेगा की साइट पर पूरे सिघारी गांव की एक परियोजना पर किए गए भुगतान की रिपोर्ट में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ऑनलाइन रिपोर्ट में क्रमांक चार पर हसीना बानो को भुगतान किया गया है। वह दरअसल उन तिथियों को प्रसूता थी। स्थानीय सीएचसी से जारी हेल्थ कार्ड में बच्चे की जन्मतिथि दर्ज है। जिसमें 27 अप्रैल 2020 को उसने बच्चे को जन्म दिया है।
ऐसे में 27 अप्रैल या उससे पहले की तिथियों में वह कार्य कैसे कर सकती है। अगर कार्य लिया गया है तो ये और भी गंभीर है। दोनो की रिपोर्ट देखने से यह स्पष्ट होता है कि बिना काम किए ही भुगतान निकाला गया है। ये सिर्फ हसीना बानो के साथ ही नहीं हुआ है, ब्लॉक के हजारों श्रमिकों के साथ ऐसा होता है। यहां तक श्रमिकों के हक की भी अनदेखी हो रही है। उनके खाते में पैसा सिर्फ भेजा जाता है और फिर निकलवा लिया जाता है। ब्लॉक की नौ पंचायतें पहले से ही जांच के दायरे में हैं और ब्लॉक के कार्य की भी जांच हो रही है। अब ये नया मामला सामने आया है।
नियम तोड़ने में फंसी हैं मुजेहना की नौ ग्राम पंचायतें
मुजेहना ब्लॉक की नौ पंचायतों ने नियमों की अनदेखी करके सामग्री पर करीब 3.62 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। वहीं श्रमिकों को तीन करोड़ पांच लाख 52 हजार रुपये भुगतान हुआ है। इन पंचायतों के सचिवों, रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों के साथ ही ब्लॉक के बीडीओ, एपीओ और लेखाकार को भी नोटिस जारी हुआ है। जिसमें बेसहूपुर गांव में श्रम व सामग्री पर मिलाकर एक करोड़ 46 लाख 51 हजार, धानेपुर में 40 लाख 84 हजार, दुर्जनपुर में 41 लाख 17 हजार, जैतापुर में 40 लाख 46 हजार, खौदी में 54.71 लाख, माधवगंज में एक करोड़ 72 हजार, महेशभारी में 30 लाख 45 हजार, परसिया पंडित में 77 लाख 65 हजार रूपए और तेन्दुआ मोहनी में 94 लाख 81 हजार रुपये का भुगतान नियमों के विपरीत हुआ है।
जिन पंचायतों में मनरेगा की गाइडलाइन की अनदेखी करके भुगतान हुआ है उन पंचायतों को नोटिस जारी किया गया है। कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। हर गड़बड़ी की जांच की जा रही है और कार्रवाई भी हो रही है। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ