गोंडा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, तहसील की अचल संपत्ति रजिस्टर की फीडिंग न कराने, चक मार्ग के विवाद को निस्तारण न कराने व अन्य कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एसडीएम ने लेखपाल जगदम्मा शरण पांडेय को निलंबित कर दिया है। एसडीएम ने लेखपाल को निलंबन अवधि तक रजिस्ट्रार कानूनगो से संबद्ध करने के साथ उसके मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है।
जिले के सदर गोंडा तहसील क्षेत्र के ग्राम बनघुसरा में लेखपाल जगदम्मा शरण पांडेय की तैनाती है। एसडीएम सदर का आरोप है कि गांव के चक मार्ग पर का विवाद है। इस मामले को लेकर गांव के लोगों ने तरबगंज मार्ग को जाम किया था। लेखपाल की ओर से इस मामले में कार्रवाई कर निस्तारण नहीं कराया गया। 31 जुलाई से कई बार फोन पर संपर्क किया गया लेकिन बात नहीं हो पाई।
जगदम्मा को दूसरे लेखपाल को भेज कर बुलवाया गया। ग्राम राजापुर परसौरा निवासी शांतिदेवी का मामला बैनामा न्यायालय विचाराधीन रहते वरासत करा दिया जाना। ग्राम राजापुर में अचल सम्पत्ति रजिस्टर 12 गाटों की मात्र फीडिंग कराया जाना व राजापुर में अचल संपत्ति रजिस्टर मात्र 17 गाटों की फीडिंग कराया जाना पाया गया।
इसके अलावा ग्राम बनघुसरा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में नई सूची में उपलब्ध किसानों का सत्यापन कर फीडिंग न कराया जाना पाये जाने जैसी कई लापरवाही को संज्ञान में लेकर लेखपाल को निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
एसडीएम वीर बहादुर यादव ने लेखपाल के निलंबन अवधि में नियमानुसार वेतन भत्ते में कटौती कर भुगतान किये जाने का आदेश दिया है। लेखपाल को रजिस्ट्रार कानूनगो से संबद्ध कर दिया है। निलंबन अवधि में लेखपाल को बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ने का आदेश दिया है। इस बारे में एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव का कहना है कि लेखपाल की ओर से बार बार कार्य में घोर लापरवाही करने पर यह कार्रवाई की गई है।