गोंडा। पॉक्सो न्यायालय में विचाराधीन एक मामले की मूल पत्रावली गायब करने का आरोप लगाते हुए पीड़िता की मां ने नगर कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने अपने अधिवक्ता और प्राथमिकी के आरोपी पर आपराधिक षड्यंत्र रचकर मुकदमे की मूल सरकारी पत्रावली गायब करने, साक्ष्य मिटाने, समझौते का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वजीरगंज निवासी महिला ने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी 16 वर्षीय बेटी के साथ खलील निवासी जगदीशपुर ने छेड़छाड़ की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में वजीरगंज थाने में छेड़छाड़, धमकी तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र पॉक्सो न्यायालय में दाखिल किया गया, जहां सुनवाई चल रही है।
महिला ने बताया कि उन्होंने जगदीशपुर कटरा निवासी अधिवक्ता श्यामधर शुक्ला को केस की पैरवी की जिम्मेदारी दी थी। आरोप है कि 24 जुलाई 2026 को अधिवक्ता ने न्यायालय से केस की पत्रावली मंगवाई और आरोपी खलील के साथ मिलकर आर्थिक लाभ के उद्देश्य से मूल सरकारी पत्रावली गायब कर दी, ताकि केस के साक्ष्य समाप्त हो जाएं और आरोपी को लाभ मिल सके। पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि पत्रावली गायब होने के बाद आरोपी पक्ष लगातार समझौते का दबाव बना रहा है। समझौता न करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। नगर कोतवाल विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।